गोंदिया में एसटी बसों की किल्लत; शादी-ब्याह सीजन और सरकारी छूट से बढ़ी भीड़, अतिरिक्त फेरियों की मांग
गोंदिया में सरकारी रियायतों और शादी के सीजन के कारण बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। बसों की कमी और पुरानी बसों के खराब होने से यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।
Gondia ST Bus News: गोंदिया शहर के जयस्तंभ चौक स्थित बस स्टैंड से नागपुर व आमगांव, सालेकसा, देवरी की ओर जाने वाली एसटी बसों में विद्यार्थियों सहित यात्रियों की भारी भीड़ दिखाई देती है।
आए दिन बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ते ही जा रही है। अब निजी वाहनों में भी यात्रियों की भीड़ दिखाई दे रही है। जिससे विद्यार्थियों व यात्रियों के द्वारा बस फेरियां बढ़ाने की मांग की जा रही है।
जिले में सभी शासकीय कार्यालयों के काम के लिए अनेक तहसील के नागरिक आते जाते रहते है। वहीं शहर में स्कूल व कॉलेज में अध्ययन लिए अनेक विद्यार्थियों का प्रतिदिन बस से आना जाना होता है।
सम्बंधित ख़बरें
गोवंश तस्करी करने वाले गिरोह पर MCOCA के तहत बड़ी कार्रवाई, सरगना समेत 14 लोगों पर मामला दर्ज
Bullet Train से जुड़ेगा नासिक, बनेगा सुवर्ण त्रिकोण, जापान सरकार के सहयोग से मिलेगी प्रोजेक्ट को रफ्तार
उड़ता महाराष्ट्र नहीं! 25 जून से शुरू होगा ‘नशामुक्त महाराष्ट्र अभियान’, सरकार का एक्शन प्लान तैयार
‘चंदा दो या मंत्री पद छोड़ो!’ पार्थ पवार के अल्टीमेटम से NCP में हड़कंप, महाराष्ट्र में सियासी बवाल
उसी तरह अभी शादी ब्याह का दौर शुरू होने से यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हो गई है। प्रतिदिन जिले के गोंदिया व तिरोड़ा डिपो के बस स्थानक से यात्रियों से भरी बस दौड़ रही है।
बस की यात्रा में अमृत ज्येष्ठ नागरिक योजना अंतर्गत 75 वर्ष आयु से अधिक ज्येष्ठ नागरिकों के लिए शासन ने निः शुल्क यात्रा योजना शुरू की है। महिलाओं के लिए 50 प्रश. सहूलियत लागू की है।
जिसके कारण बस के यात्रियों की संख्या में वृद्धि हो गई है। इसमें भी अब शादी ब्याह का माहौल होने से बस के यात्रियों की संख्या में अधिक इजाफा हो रहा है।
यात्रियों की तुलना में बसें कम शासन की सहूलियत के पश्चात रापनि की आय बढ़ गई है। सहूलियत योजना से शासन के द्वारा परिवहन निगम को अनुदान राशि मिल रही है।
ऐसा होते हुए भी रापनि द्वारा बस की संख्या बढ़ाने के प्रयास नहीं किए जा रहे है। पुरानी बसों से ही परिवहन जारी है।
जिसमें अनेक बार बस खराब होने से नियोजित फेरियों पर परिणाम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विभागीय नियंत्रकों ने बस फेरियां बढ़ाने के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है।
वाहन चालक और मालिकों पर संकट शासन ने बस की यात्रा में 75 वर्ष आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 100 प्रश. व महिलाओं के लिए 50 प्रश. सहूलियत देने के पश्चात यात्री निजी वाहन से यात्रा करना पसंद नहीं करते थे।
जिसके कारण निजी वाहन चालक व मालिकों पर संकट का समय आ गया था। लेकिन अब बस के यात्रियों की संख्या बढ़ने से सीट मिलना मुश्किल होने से पूरी टिकट देकर यात्रा करने वाले कुछ यात्री निजी वाहनों से यात्रा कर रहे हैं।
