गोंदिया में भीषण गर्मी और शादियों के सीजन से ST बसों में भारी भीड़, यात्रियों ने की बस फेरियां बढ़ाने की मांग
Gondia Travel News: गोंदिया में 44 डिग्री तापमान के बावजूद शादी-ब्याह और सरकारी रियायतों के कारण ST बसों में भारी भीड़ है। सीटें न मिलने से परेशान यात्रियों ने अतिरिक्त बसें चलाने की मांग की है।
Gondia ST Bus (प्रतीकात्मक तस्वीर) (सोर्स- नवभारत)
Gondia ST Bus News: गोंदिया में इन दिनों गर्मी चरम पर है। दिन का तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया है। ऐसी स्थिति में भी बसों में यात्रियों की भी भीड़ दिखाई दे रही है। छुट्टियां व विवाह समारोह के कारण बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। अब निजी वाहनों में भी यात्रियों की भीड़ दिखाई दे रही है। जिससे यात्रियों के द्वारा बस फेरियां बढ़ाने की मांग की जा रही है।जिले में गत कुछ दिनों से तापमान में निरंतर वृद्धि हो रही है।
जिसका परिणाम भी दिखाई दे रहा है। फिलहाल शालाओं को छुट्टियां लग चुकी है। विवाह समारोह अधिक होने से बस के यात्रियों की संख्या में वृद्धि हो गई है। प्रतिदिन जिले के गोंदिया व तिरोड़ा डिपो बस स्थानक से यात्रियों से भरी बस दौड़ रही है। बस की यात्रा में अमृत ज्येष्ठ नागरिक योजना अंतर्गत 75 वर्ष आयु से अधिक ज्येष्ठ नागरिकों के लिए शासन ने निःशुल्क यात्रा योजना शुरू की है।
महिलाओं के लिए 50 प्रश. सहूलियत लागू की है। जिसके कारण बस के यात्रियों की संख्या में वृद्धि हो गई है। इसमें भी अब विवाह समारोह का माहौल होने से ग्रीष्मकाल के दिनों में बस के यात्रियों की संख्या में अधिक इजाफा हुआ है। गर्मी का मौसम होते हुए भी सहूलियत धारक यात्रियों के द्वारा बस की यात्रा को प्राथमिकता दी जा रही है। जिससे कड़ी धूप में भी बस में यात्रियों की भीड़ दिखाई दे रही है।
सम्बंधित ख़बरें
जलगांव के बाद रायगड़ में ST बस के ब्रेक हुए फेल, खाई में गिरने से बची, ट्रक को मारी टक्कर; 13 यात्री घायल
पुणे में दहला देने वाली वारदात, ससुराल वालों के जुल्म से तंग आकर विवाहिता ने की आत्महत्या, जानें पूरा मामला
वर्धा: चलती ट्रेन में अकेला मिला ढाई साल का मासूम, यात्रियों की सतर्कता और आरपीएफ की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू
महाराष्ट्र उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव, अनुदानित कॉलेज बनेंगे प्राइवेट यूनिवर्सिटी? सरकार तैयार कर रही नीति
गोंदिया यात्रियों की तुलना में बसें कमशासन की सहूलियत के पश्चात रापनि की आय बढ़ गई है। सहूलियत योजना से शासन के द्वारा परिवहन निगम को अनुदान राशि मिल रही है। ऐसा होते हुए भी रापनि द्वारा बस की संख्या बढ़ाने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें:-अकोला मई माह में धार्मिक पर्वों की धूम, बुद्ध पूर्णिमा से होगी शुरुआत और मलमास की पूर्णिमा पर होगा समापन
पुरानी बसों से ही परिवहन जारी है। जिसमें अनेक बार बस खराब होने से नियोजित फेरियों पर परिणाम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विभागीय नियंत्रकों ने बस फेरियां बढ़ाने के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है।
निजी वाहनों से यात्रा करने पर मजबूरशासन ने ई-बस की यात्रा में 75 वर्ष आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 100 प्रश। व महिलाओं के लिए 50 प्रश. सहूलियत देने के पश्चात यात्री निजी वाहन से यात्रा करना पसंद नहीं करते थे। जिसके कारण निजी वाहन चालक व मालिकों पर संकट का समय आ गया था। लेकिन अब बस के यात्रियों की संख्या बढ़ने से सीट मिलना मुश्किल होने से पूरी टिकट देकर यात्रा करने वाले कुछ यात्री निजी वाहनों से यात्रा कर रहे हैं।
