Gondia News: राज्य के स्कूलों में समयसमय पर होने वाले मूल्यांकन परीक्षा के दौरान निरीक्षण किया जाएगा। इसके अनुसार, शिक्षा विभाग की एक टीम 11, 15 व 22 अप्रैल को स्कूलों का दौरा करके विद्यार्थियों की उपस्थिति की समीक्षा करेगी और उसे सिस्टम में दर्ज करेगी।प्राथमिक शिक्षा संचालक, माध्यमिक शिक्षा संचालक ने इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। राज्य शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद राज्य के सरकारी स्कूलों, स्थानीय सरकारी स्कूलों और निजी सहायता प्राप्त स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए समयसमय पर मूल्यांकन परीक्षा आयोजित करेगी। इसके लिए प्रकाशित कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 2 से 8 के लिए क्रमशः पहली भाषा, गणित और तीसरी भाषा विषयों की परीक्षा ली जाएगी।
इस दौरान स्कूलों में निरीक्षण प्रक्रिया भी लागू की जाएगी। कक्षा 2 से 8 का निरीक्षण राज्य शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा आयोजित पेंट परीक्षा के दिन, यानी 11, 15 और 22 अप्रैल को की जाए। कक्षा 9 के लिए मराठी, गणित और अंग्रेजी की वार्षिक परीक्षा एक ही तारीखों में आयोजित की जाए। यह स्पष्ट किया गया कि कक्षा 11 के लिए मराठी, भौतिकशास्त्र और अंग्रेजी की वार्षिक परीक्षा भी एक ही दिन आयोजित की जाएगी। 10 व 12वीं के विद्यार्थियों के लिए निरीक्षण नहींस्कूल निरीक्षण के अवसर पर, स्टूडेंट पोर्टल पर प्रधानाध्यापक लॉगिन, केंद्र प्रमुख लॉगिन, विस्तार अधिकारी लॉगिन, शिक्षणाधिकारी लॉगिन की सुविधाएं दी जाएंगी।
टीम इन लॉगिन का इस्तेमाल विद्यार्थियों के उपस्थिति व गैरहाजिर होने का रिकॉर्ड रखने के लिए करेगी। कक्षा 10 व 12वीं के विद्यार्थियों का निरीक्षण करने की कोई जरूरत नहीं है। राज्य मंडल की परीक्षा में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर विचार किया जाएगा।
गोंदिया जिले का पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया है और नदी, नाले, बोरवेल, कुएं का जलस्तर गिरना शुरू हो गया है। ऐसे में अप्रैल से जून महीने के दौरान जिले में पानी की कमी की समस्या में वृद्धि होने की आशंका है। जिप ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने भूजल सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किए गए जल संकट प्रारुप के अनुसार जिले के 298 गांवों और बस्तियों में पानी की कमी की समस्या उत्पन्न होने की संभावना है।
इसमें सबसे ज्यादा पानी की कमी की समस्या तिरोडा और गोरेगांव तहसील के गांवों में ज्यादा है। जिप ग्रामीण जलापूर्ति भूजल सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट के आधार पर तीन जगहों पर महसूस होने लगी थी। गोरेगांव और तिरोड़ा क्षेत्र में पानी की कमी की योजना बनाते हुए तहसील के कुल 30 गांवों में है। इसके बाद पानी की कमी के उपायों के लिए योजना बनाई गई।
जिले में योजना के 600 से अधिक काम अधूरे होने के कारण बताए जाते हैं। जिले में इस बार मार्च महीने से ही कुछ गांवों में पानी की कमी की समस्या पड़ गई है। मंजूरी मिलते ही शुरू करेंगे कामजिला परिषद के अधिकारियों ने बताया कि पानी की किल्लत और गंभीर न हो।
गांव वालों को पानी के लिए दूरदूर तक पैदल न जाना पड़े, इसके लिए इस विभाग ने पानी की कमी पर काबू पाने के लिए उपाय योजनाएं प्रस्तावित की हैं। उपाय योजनाएं करने के लिए 4 करोड़ 67 लाख रु। के काम भी प्रस्तावित किए गए हैं। यह जिलाधीश के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है, और मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिए जाएंगे।