Gondia Teachers Protest (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Zilla Parishad: गोंदिया जिले के प्राथमिक शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अब स्थिति टकराव की ओर बढ़ती नजर आ रही है। बार-बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद समस्याओं का समाधान न होने से नाराज शिक्षकों ने अब निर्णायक आंदोलन का रास्ता अपनाने का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति, गोंदिया ने जिला परिषद के शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए 6 अप्रैल से अनिश्चितकालीन श्रृंखलाबद्ध अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
शिक्षक समिति का आरोप है कि शिक्षकों के वेतन, पदोन्नति, भत्ते और अन्य प्रशासनिक मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों को लेकर कई बार ज्ञापन, बैठकें और पत्राचार किए गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिससे शिक्षकों में गहरा असंतोष फैल गया है। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक ही शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि उनके मूलभूत और आर्थिक अधिकारों की अनदेखी होती रही, तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा।
प्रतिनिधि मंडल में जिलाध्यक्ष संदीप तिड़के, विभागीय अध्यक्ष किशोर डोंगरवार, जिला महासचिव संदीप मेश्राम, उपाध्यक्ष एच.एस. बिसेन, राज्य कार्यकारिणी सदस्य शरद पटले, राहुल गणवीर, मधुकर ठाकरे, सुनिल बैठवार सहित अनेक पदाधिकारी और शिक्षकों का समावेश था। अब जिले की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो 6 अप्रैल से शुरू होने वाला यह आंदोलन गोंदिया जिले में एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
शिक्षक समिति ने अपनी मांगों में वेतन विसंगति दूर करने, एस-14 वेतनश्रेणी लागू करने, लंबित देयकों का भुगतान, 12 व 24 वर्ष पूर्ण करने वाले शिक्षकों को चयन व चट्टोपाध्याय श्रेणी का लाभ देने, विज्ञान विषय के स्नातक शिक्षकों को उचित वेतनश्रेणी देने, एनपीएस / डीसीपीएस खातों में राशि स्थानांतरित करने, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और मकान किराया भते की बकाया राशि देने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल किए हैं। इसके अलावा ओबीसी छात्रवृत्ति आवेदन ऑफलाइन स्वीकार करने और मार्च 2026 तक जीपीएफ का पूरा हिसाब देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है।
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समिति द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के अनुसार, 6 अप्रैल से जिला परिषद कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन श्रृंखलाबद्ध अनशन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन में जिलेभर के बड़ी संख्या में शिक्षक मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि फिर भी समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और उग्र रूप देने की भी चेतावनी दी गई है।