गोंदिया में पेट्रोल पंप फोटो- सोशल मीडिया
Petrol Shortage in Gondia News: गोंदिया जिले में 24 मार्च की शाम यह अफवाह फैल गई की पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म हो गया है। इस अफवाह के कारण वाहन चालकों में भगदड़ मच गई और रात को ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारे देखने को मिली। दूसरे दिन, 25 मार्च को सुबह से ही लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल और डीजल पंपों पर भीड़ लगाते दिखे। इस वजह से बुधवार को दोपहर करीब 11 बजे कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म होने के बोर्ड दिखे प्रशासन का कहना है कि पेट्रोल, डीजल व गैस भारी मात्रा में है। फिर पेट्रोल पंप चालकों ने दोपहर से ही पेट्रोल पंप पर पेट्रोल का स्टॉक खत्म होने का बोर्ड क्यों लगाया, ऐसा सवाल नागरिकों द्वारा किया जा रहा है।
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध ने कुछ हद तक पेट्रोलियम उत्पादों और गैस की आपूर्ति को बाधित किया है, जिसमें मुख्य रूप से रसोई गैस शामिल है। हालांकि, इसका असर अभी तक पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों पर नहीं पड़ा था। लेकिन, 24 मार्च को कुछ सोशल मीडिया समूहों पर अफवाह फैलने के बाद कि पेट्रोल उपलब्ध नहीं है या कम आपूर्ति है और कीमतें बढ़ेंगी, जिसके बाद शाम को पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध से पहले पेट्रोलियम कंपनियां पेट्रोल पंप मालिकों को एक तय समय के लिए डिस्काउंट पर पेट्रोल और डीजल देती थीं, जिससे वे अपना व्यवसाय आसानी से चला पाते थे। लेकिन युद्ध की वजह से पेट्रोलियम कंपनियों ने नकद और एडवांस पेमेंट लेकर फ्यूल आपूर्ति करने का फैसला किया। इस वजह से कुछ पेट्रोल पंप मालिक पेमेंट नहीं कर पाए, जिसके चलते उन्हें पेट्रोल और डीजल का स्टॉक नहीं दिया जा सका। इस पर कुछ लोगों ने अफवाह फैला दी कि पेट्रोल और डीजल खत्म हो गया है।
पेट्रोल पंप पर सूचना फलक लगाएं जिलाधीश प्रजीत नायर ने जिले के सभी पेट्रोल पंप मालिकों को पेट्रोल पंप पर फ्यूल के बारे में स्पष्ट सूचना फलक लगाने के निर्देश दिए है। मंगलवार रात पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें देखी गई। जिले में IOCL, HPCL, BPCL के सेल्स अधिकारियों से बातचीत के अनुसार, जिले में फ्यूल का पर्याप्त स्टॉक है।
लोगों में भ्रम न हो, इसके लिए गोंदिया जिले के पेट्रोल पंप मालिकों द्वारा सामने सूचना फलक लगाया जाए। अगर फ्यूल स्टॉक नहीं है, तो सूचना फलक स्पष्ट बताना चाहिए कि फ्यूल स्टॉक कब मिलेगा, और अगर स्टॉक होने के बावजूद पंप बंद है, तो किस तकनीकी कारणों की वजह से पंप से पेट्रोल, डीजल नहीं निकल पा रहा है या पंप बंद है, यह भी सूचना फलक पर स्पष्ट उल्लेख करना होगा। ऐसे निर्देश जिलाधीश नायर ने जिले के सभी पेट्रोल पंप मालिकों को दिए।
जिलाधीश नायर तीनों बड़ी कंपनियों, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के पास पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी गैस सिलेंडर का काफी स्टॉक है। जिला प्रशासन और ऑयल कंपनियां मिलकर जिले में फ्यूल का स्टॉक बनाए रखने के लिए काम कर रही हैं। इसलिए, जिलाधीश प्रजीत नायर ने लोगों से अपील की है कि वे फ्यूल की कमी होने की अफवाहों पर ध्यान न दे। गोंदिया जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। जो रेट पहले थे, वे अभी भी लागू हैं। सरकार ने अभी फ्यूल के दाम नहीं बढ़ाए हैं, जैसे ही निर्देश मिलेंगे, लोगों तक पहुंचा दिए जाएंगे, इसलिए, जिलाधीश ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
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ईरान के युद्ध की वजह से फ्यूल और गैस आपूर्ति चेन पर असर पड़ा है। इसे देखते हुए, जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिला प्रशासन ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी व जमाखोरी को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू की है। अभी जिले में कुल 21 गैस एजेंसियां हैं। 90 पेट्रोल पंप हैं, जिनके पास 7,06,600 लीटर पेट्रोल, 9,33,300 लीटर डीजल और 5,434 घरेलू गैस का स्टॉक है।|
इसके अलावा, बड़ी संख्या में लोग रात के समय पेट्रोल भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े। बुधवार की सुबह से ही वाहन चालक अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े। जो लोग 100 रु। का पेट्रोल भरवाते थे, उन्होंने अफवाहों पर विश्वास करके अब 500 से 1,000 रु। तक का ईंधन भरवाना शुरू कर दिया, जिससे पेट्रोल और डीजल की कमी हो गई और सुबह 11 बजे तक, जिले के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल खत्म होने के बोर्ड लग गए। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन कह रहा है कि पेट्रोल, डीजल का स्टॉक भारी मात्रा है, फिर पेट्रोप पंप पर पेट्रोल खत्म होने का बोर्ड क्यों लगाया गया है।