वर्धा: बाकडी नदी पुनर्जीवन परियोजना को सीएम फडणवीस की मंजूरी; सुमित वानखेड़े के प्रयासों से 9 गांवों को लाभ

Wardha River News: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आर्वी की बाकडी नदी पुनर्जीवन के 9.59 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दी टाटा ट्रस्ट के सहयोग से 13 किमी क्षेत्र में गहरीकरण कर सिंचाई क्षमता बढ़ाई जाएगी।
CM Devendra Fadnavis approved the ₹9.59 crore Bakadi river rejuvenation project in Arvi. Partnering with Tata Trust, the project will benefit 1,961 hectares of farmland.
Devendra Fadnavis, Sumit Wankhede (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Devendra Fadnavis News: वर्धा आर्वी तहसील की महत्वपूर्ण बाकडी नदी के पुनर्जीवन के प्रस्ताव को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंजूरी दे दी है। विधायक सुमित वानखेड़े के लगातार प्रयासों से इस परियोजना को स्वीकृति मिली है, जिससे क्षेत्र के किसानों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के तहत लगभग 13 किलोमीटर क्षेत्र में नदी का गहराईकरण और चौढ़ाईकरण किया जाएगा।

साथ ही करीब 8 लाख 23 हजार क्यूबिक मीटर गाद (मिट्टी) निकाली जाएगी, जिसे किसानों को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा। इस कार्य से आर्वी तहसील के 9 गांवों के लगभग 1,961 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा। परियोजना की कुल लागत लगभग 9 करोड़ 59 लाख रुपये है, जिसमें राज्य सरकार का हिस्सा 4 करोड़ 90 लाख रुपये और टाटा ट्रस्ट का सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत 4 करोड़ 69 लाख रुपये का योगदान रहेगा।

इस परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी बायफ डेवलपमेंट रिसर्च फाउंडेशन को सौंपी गई है। महादपुर, हरिशवाडा, बेलोरा, जनगांव, देव्हाडा, शिरपुर, एकलारा, माटोडा और नांदपुर गांवों के बीच नदी से गाद निकासी का कार्य किया जाएगा। इससे नदी की जलधारण और प्रवाह क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे बरसात के दौरान बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

  • 8.23 लाख क्यूबिक मीटर गाद निकाली जाएगी
  • 9 गांवों के लगभग 1,961 हेक्ट। कृषि क्षेत्र को मिलेगा लाभ
  • 9.59 करोड़ रुपये की परियोजना
  • सीएसआर के तहत 4.69 करोड़ का योगदान
  • राज्य सरकार देगी 4. 90 करोड़ रुपये

विधायक सुमित वानखेड़े ने बताया कि

पिछले कुछ वर्षों में वर्धा नदी में भारी मात्रा में गाद जमा होने से जल प्रवाह प्रभावित हो रहा था। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद न केवल सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि किसानों की उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। यह संयुक्त परियोजना राज्य सरकार और टाटा ट्रस्ट के सहयोग से पूरी की जाएगी, जिससे क्षेत्र में जलसंरक्षण और कृषि विकास को नया बल मिलेगा।

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