गैस नहीं तो लकड़ी ही सही! सिरोंचा के होटलों में चूल्हे पर पक रहा खाना, सिलेंडर के लिए मचा हाहाकार

Sironcha Gas Shortage: सिरोंचा में कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत! होटलों में जल रहे पारंपरिक चूल्हे। होटल प्राणहिता में लकड़ी पर बन रहा खाना। प्रशासन से आपूर्ति बहाल करने की मांग।
Acute shortage of HP commercial gas cylinders in Sironcha, Gadchiroli. Hotels forced to use traditional wood stoves. Business owners demand immediate supply.
चूल्हों पर बन रहा खाना (सौजन्य-नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Commercial Cylinder Crisis Gadchiroli: सिरोंचा तहसील में इन दिनों एचपी कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के चलते होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध न होने से होटल संचालकों के सामने रोजमर्रा का कामकाज चलाना मुश्किल हो गया है। इसी समस्या के चलते सिरोंचा के प्रसिद्ध होटल प्राणीहीत में गैस के अभाव में पारंपरिक चूल्हे का सहारा लिया जा रहा है।

यहां लकड़ी जलाकर चूल्हे पर ही सभी खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे हैं। होटल संचालकों के अनुसार, कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने से कामकाज की गति धीमी हो गई है। चूल्हे पर खाना बनाने में अधिक समय और मेहनत लगती है, वहीं धुआं और गर्मी से काम करना भी कठिन हो रहा है। इसके अलावा लकड़ी की व्यवस्था करना भी एक अतिरिक्त बोझ बन गया है।

हालांकि, चूल्हे पर बने भोजन का पारंपरिक स्वाद ग्राहकों को पसंद आ रहा है, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक जारी रखना संभव नहीं है। तहसील के अन्य होटल व्यवसायी भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे कुछ स्थानों पर होटल का काम सीमित कर दिया गया है। स्थानीय होटल संचालकों और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू की जाएं, ताकि होटल व्यवसाय फिर से सामान्य रूप से शुरू हो सके।

अन्य तहसीलों में भी यही स्थिति

सिरोंचा तहसील समेत जिले के अन्य तहसीलों में होटलों की यही स्थिति होने की जानकारी मिली है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत होने के कारण होटल व्यवसायियों पर संकट टूट पड़ा है। इसका खामियाजा उनके व्यवसाय पर होकर होटलों में काम करने वाले कामगारों की रोजी-रोटी का प्रश्न निर्माण हो गया है। जिससे प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर तत्काल उपाययोजना करें, ऐसी मांग जिले के होटल व्यवसायियों द्वारा की जा रही हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com