Gondia MSP Rice Procurement Problem ( Source: Social Media )
Gondia MSP Rice Procurement Problem: गोंदिया सरकार की ‘लिमिट’ पॉलिसी की वजह से जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया में बड़ी रुकावट आ गई है, खरीदी न होने की वजह से किसानों के पास हजारों क्विंटल धान पड़ा हुआ है। लक्ष्य पूरा होने की बात कहकर खरीदी केंद्रों पर खरीदी रोक दी गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
इस वर्ष मौसम अच्छा होने से धान उत्पादन में बढ़ोतरी हुई। लेकिन, बढ़ा हुआ उत्पादन सही समय पर और सही दाम पर न मिलने से किसानों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारी किसानों का धान यह कहकर लेने से मना कर रहे हैं कि खरीद केंद्रों पर ‘लिमिट’ खत्म हो गई है। परिणामस्वरूप, किसानों को दिन-रात खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने के बाद भी कोई राहत नहीं मिल रही है।
जिले के विभिन्न खरीदी केंद्रों पर धान की बोरियों के ढेर लग गए हैं, खुले में रखे इस धान पर मौसम बदलने का खतरा मंडरा रहा है और इसके खराब होने की संभावना बढ़ गई है।
किसानों के अनुसार, यह सिर्फ धान नहीं बल्कि उनके परिवार की रोजी-रोटी का आधार है। लेकिन, प्रशासन की फैसला लेने की प्रक्रिया में देरी के कारण यह फसल अब बेकार होने की कगार पर है।
किसानों की बार-बार मांग के बावजूद ‘लिमिट’ बढ़ाने पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि जनप्रतिनिधियों ने इस पर पहल की है, लेकिन यह प्रस्ताव अभी भी सरकारी स्तर पर लंबित है।
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संबंधित फाइल किस चरण पर अटकी है। इस बारे में साफ न होना भी प्रशासन के काम करने के तरीकों पर सवाल उठा रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए किसानों का सब जवाब दे रहा है।
आज किसान अपनी मेहनत की कमाई को निराशा में देख रहे हैं। अगर सरकार ने तुरंत ‘लिमिट’ नहीं बढ़ाई और हर दाना नहीं खरीदा, तो किसानों को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान होगा, इसलिए, क्या फसल ज्यादा पैदा होना किसानों के लिए गुनाह है, क्या सरकार के पास किसानों को उनकी मेहनत का सही मुआवजा देने का कोई सक्षम सिस्टम नहीं है? ऐसे सवाल अब किसान उठा रहे हैं।