अतिक्रमण हटाने का दावा खोखला, गोंदिया में 40 फुट चौड़ी सड़कें रह गई 20 फुट की
Road Encroachment: गोंदिया में नियमों के मुताबिक 40 फुट चौड़ी सड़कें अतिक्रमण के कारण महज 20 फुट की रह गई हैं। पुलिस बल की कमी के चलते नगर परिषद की कार्रवाई का दावा खोट भरा साबित हो रहा है।
- Written By: केतकी मोडक
गोंदिया नगर परिषद फोईल फोटो (सोर्स - फोटो नवभारत)
Gondia Municipal Council Road Encroachment Drive: गोंदिया नगर परिषद के लिए 2012 से विकास योजना मंजूर है। लेकिन 13 साल बाद भी इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। शहर के मुख्य चौक की सड़कें कम से कम 40 फुट चौड़ी होने का नियम है। लेकिन, इस पर अतिक्रमण बढ़ने से 40 फुट चौड़ी सड़कें अब 20 फुट ही रह गई हैं। शहर में अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं, और यातायात जाम दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
इसके अलावा, शहर में राजनीति के कारण अतिक्रमण हटाने का अभियान दिखावा बन गया है। पिछले दो हफ्तों में अतिक्रमण हटाने का अभियान बड़े पैमाने पर चलाया गया था। लेकिन, नगर परिषद प्रशासन ने एक प्रेस रिलीज के जरिए बताया कि पुलिस बल की कमी के कारण अभियान रोक दिया गया है। इस दलील से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे है। स्थानीय लोगों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
कार्रवाई करने के लिए पुलिस बल नहीं मिला
पिछले पखवाड़े अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया था। लेकिन, आचार संहिता के कारण पुलिस बल उपलब्ध नहीं था। इस कारण अभियान ठंडे बस्ते में चला गया। नगर परिषद के माध्यम से पहले भी कई बार शहर में अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए गए थे। लेकिन, राजनीतिक दबाव के बाद उन्हें दो दिन में ही रोक दिया गया था। शहर में यातायात व्यवस्था पर सख्ती करने की जिम्मेदारी जितनी नप की है, उतनी ही यातायात नियंत्रण विभाग की भी है।
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इसलिए, वाहन चालकों को भी यातायात नियमों का पालन करना होगा। तभी शहर में लगने वाले यातायात जाम का हल निकल सकता है। शहर में यातायात जाम और अतिक्रमण के मुद्दे पर शहरवासियों ने गोंदिया विधानसभा वाट्स ग्रुप पर अपना रोष व्यक्त किया। मांग है कि कम से कम नए नगराध्यक्ष और पदाधिकारी पहल करें और इस समस्या का हमेशा के लिए हल निकालें।
अतिक्रमणकारियों को मिल रहा संरक्षण, बढ़ता जा रहा अतिक्रमण
गोंदिया शहर में बढ़ते अतिक्रमण की मुख्य वजह मुख्य सड़कों के किनारे अतिक्रमण है। अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय नगर परिषद अब तक उन्हें संरक्षण देने की भूमिका में है। परिणामस्वरूप शहर में यातायात जाम बढ़ता जा रहा है। साढ़े तीन साल बाद अब नगर परिषद में पदाधिकारियों ने पदभार संभाला है। शहरवासियों ने सवाल किया है कि क्या वे इस गंभीर समस्या पर ध्यान देते हुए शहर में अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की पहल करेंगे। अब विधान परिषद का चुनाव जल्द ही खत्म होगा। शहरवासी सोच रहे है कि क्या शहर की सड़कें अब खुली सांस लेंगी।
जल्द शुरू करेंगे कार्रवाई
नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ने कहा है कि “परिषद पूरी तरह कटिबद्ध है। शहर में शहर के सर्वांगीण विकास के लिए नगर अतिक्रमण और यातायात जाम को ठीक करने के लिए जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा। विधान परिषद के चुनाव खत्म होते ही यह अभियान शुरू किया जाएगा।”
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मिलेगी राहत
गोंदिया नगर परिषद के मुख्याधिकारी संदीप बोरकर ने कहा है कि “शहर में अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया। हालांकि आचार संहिता के कारण पुलिस प्रशासन नहीं मिला है। यह चुनाव खत्म होते ही अतिक्रमण हटा दिए जाएंगे। इसके लिए टीम को तैनात किया गया है।”
