वसई में अवैध होर्डिंग्स का जाल: नालासोपारा में विज्ञापन माफिया बेलगाम, बकायेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज
Municipal Revenue Loss Advertising: वसई-विरार में अवैध होर्डिंग्स की भरमार से शहर की सूरत बिगड़ रही है और महापालिका को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। विज्ञापन कंपनियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अवैध होर्डिंग्स (सौ. सोशल मीडिया )
Vasai Virar Illegal Hoardings Revenue Loss: वसई-विरार शहर में इन दिनों विकास की कम और अवैध होर्डिंग्स की चमक ज्यादा दिखाई दे रही है। शहर की सड़कों, चौराहों और फुटपाथों पर ‘अवैध विज्ञापनों’ की ऐसी बाढ़ आई है कि मानों प्रशासन ने अपनी आंखें मूंद ली हो।
आलम यह है कि नियमों को ताक पर रखकर लगाए गए इन बोर्ड ने न केवल शहर की खूबसूरती का ‘कबाड़ा’ कर दिया है, बल्कि वसई-विरार महानगरपालिका को मिलने वाले करोड़ों रुपये के राजस्व पर भी डाका डाला जा रहा है।
करोड़ों का बकाया, पर प्रशासन ‘मेहरबान’
हैरानी की बात तो यह है कि विज्ञापनदाता जनता से पैसे तो वसूल रहे हैं, लेकिन महापालिका का हिस्सा दबाकर बैठे हैं। सूत्रों की मानें तो कई बड़े नामों ने सालों से अपना बकाया नहीं चुकाया है। जब शहर के विकास के लिए फंड की कमी का रोना रोया जाता है, तब प्रशासन इन ‘महारथियों’ से वसूली करने में सुस्ती क्यों दिखा रहा है?
सम्बंधित ख़बरें
Chasakman Dam Water Level: पुणे जिले में बढ़ी पानी की चिंता, चासकमान बांध में सिर्फ 18.32% जल भंडार शेष
पिंपरी-चिंचवड़ में किराएदारों की जानकारी छिपाना पड़ेगा भारी, मकान मालिकों पर होगी कार्रवाई
PCMC Financial Crisis: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा पर 4493 करोड़ का कर्ज, विकास कार्यों पर मंडराया संकट
Pune First Branding Campaign: पुणे मनपा का ‘पुणे प्रथम’ अभियान शुरू, शहर को मिलेगी नई वैश्विक पहचान
बकायेदारों से पाई-पाई वसूले प्रशासन
इतना ही नहीं, एड वर्ल्ड एडवरटाइजिंग, सागर जोशी एडकनेक्ट और स्टार एड जैसी कंपनियों की लंबी फेहरिस्त है, जिन्होंने लाखों दबा रखे हैं। क्या प्रशासन इन रसूखदार विज्ञापनदाताओं पर हंटर चलाएगा? शहर के जागरूक नागरिक मांगें कर रहे हैं बकायेदारों से पाई-पाई वसूल की जाए। नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ठेकेदारों को काली सूची में डाला जाए। शहर की सूरत बिगाड़ने वाले हर अवैध होर्डिंग को उखाड़ फेंका जाए।
ये भी पढ़ें :- मीरा रोड में संबंध बनाने से इनकार पर नौकरानी की बेरहमी से हत्या, 48 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
युवा सेना के जिला महामंत्री राजन सिंह ने इस मुद्दे पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि विज्ञापन नीति का मजाक उड़ाया जा रहा है। सिंह ने सवाल उठाया कि जब दरों में वृद्धि को मंजूरी मिल चुकी है, तो उसे लागू करने में हाथ-पांव क्यों फूल रहे हैं? महापालिका ने विज्ञापन दरों में वृद्धि को मंजूरी तो दी थी, लेकिन इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। प्रशासन की इसी सुस्ती का फायदा विज्ञापन माफिया उठा रहे हैं।
– राजन सिंह, जिला महामंत्री, युवा सेना
