पालकमंत्री की बैठक में राहुल ठाकरे ने रखे ठोस मुद्दे (सौजन्य-नवभारत)
Sanjay Rathod Guardian Minister Yavatmal: यवतमाल जिले के दारव्हा-कारंजा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 361(सी) पर भुलाई और भांडेगांव के बीच बनाया गया टोल प्लाज़ा आखिरकार बंद होने जा रहा है। लंबे समय से इस टोल को लेकर विवाद चल रहा था। वाहन चालकों से बिना पर्याप्त सुविधाओं के टोल वसूली को लेकर जनआक्रोश बढ़ रहा था।
महाविकास आघाड़ी के आंदोलन के बाद 27 मार्च को पालकमंत्री संजय राठोड और जिलाधिकारी विकास मीना की पहल पर आंदोलनकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में मंत्री राठोड ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए टोल प्लाज़ा बंद करने के निर्देश दिए। बैठक में कांग्रेस नेता राहुल ठाकरे ने तथ्यात्मक और नियमों पर आधारित मुद्दे रखे।
उन्होंने बताया कि दारव्हा से भांडेगांव तक सड़क का केवल 10% काम हुआ है, जबकि वाहन चालकों से 100% टोल वसूला जा रहा है। साथ ही नियमों के अनुसार टोल प्लाज़ा नगर परिषद सीमा से 10 किमी दूर होना चाहिए, लेकिन यह केवल 7 किमी पर स्थित है।
दो टोल के बीच 60 किमी की दूरी जरूरी होती है, जबकि यहां मात्र 45 किमी पर टोल स्थापित किया गया है। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए मंत्री राठोड ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा और एनएचएआई को टोल बंद करने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रस्ताव भेजे जाने तक तत्काल प्रभाव से टोल वसूली बंद करने का आदेश भी दिया गया।
पालकमंत्री संजय राठोड ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की जाएगी। इस प्रतिनिधिमंडल में राहुल ठाकरे सहित अन्य आंदोलनकारियों को भी शामिल किया जाएगा।
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राहुल ठाकरे ने कहा कि यह सफलता जनता के एकजुट आंदोलन का परिणाम है। 2 मार्च को ज्ञापन देने से लेकर 23 मार्च तक लगातार आंदोलन किए गए। अंततः 27 मार्च को हुई बैठक में सकारात्मक निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी को मिलकर जनता के हित में काम करना चाहिए।