गोंदिया में मानसून की सुस्ती, केवल 9.2 मिमी बारिश से 2.05 लाख हेक्टेयर बुआई प्रभावित
Gondia Rainfall Deficit: यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख द्वारा 6 सांसदों के साथ शिवसेना ठाकरे गुट से बगावत कर शिंदे गुट में शामिल होने की खबरों से जिले की सियासत गरमा गई है।
- Written By: केतकी मोडक
खरीफ़ की बुआई प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Gondia District Kharif Sowing: गोंदिया जिले में खरीफ सीजन में 2.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई की जाती है। जिसमें से सबसे ज्यादा 1.94 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की जाती है। जिले में 17 जून तक 109.3 मि.मी. बारिश की उम्मीद थी। लेकिन अब तक सिर्फ 9.2 मि.मी. ही बारिश हुई है। जिसके कारण जिले में 2.05 लाख हेक्टेयर की बुआई अटक गई है।
बारिश नहीं होने से किसान चिंता में दिखाई दे रहे हैं। जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 5,64,100 हेक्टेयर है, जिसमें से लगभग 2,56,400 हेक्टेयर कृषि योग्य है। इस वर्ष खरीफ सीजन के दौरान जिले में लगभग 2.02 लाख से 2.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वास्तविक बुआई होने का अनुमान है।
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो गोंदिया जिले का खरीफ खेती का प्रतिशत हमेशा 100 प्रश। से ऊपर रहा है। इस वर्ष भी कृषि विभाग ने बीज व उर्वरक की आपूर्ति सुचारु रखने के लिए अच्छी योजना बनाई है। खरीफ के कुल क्षेत्रफल में से 1।94 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में अकेले धान की खेती की जाती है। जिले में करीब 800 से 900 हेक्टेयर में धान के अलावा दलहन और गन्ने की खेती होती है।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर पूनम चैंबर्स अवैध निर्माण विवाद: हाई कोर्ट में पुष्टि के बाद याचिका का निपटारा, हटाया गया अनधिकृत ढांचा
छत्रपति संभाजीनगर में जायकवाड़ी बांध पर जल्द बनेगा अप्रोच चैनल, 9 जलकुंभों से 8 दिनों में शुरू होगी जलापूर्ति
नवजात शिशुओं और माताओं को मिलेगा लाभ, बेबी केयर किट योजना के लिए 49 करोड़ की मंजूरी
भंडारा-गोंदिया विधान परिषद चुनाव आज, 457 मतदाता तय करेंगे उम्मीदवारों की किस्मत
हाल के दिनों में कृषि विभाग द्वारा पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए मक्के की फसल को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसलिए मक्के का क्षेत्रफल भी कुछ हद तक बढ़ रहा है। अरहर, उडद और मूंग जैसी फसलें धान के तटबंधों पर या कुछ शुष्क क्षेत्रों में कम मात्रा में उगाई जाती हैं। फिलहाल जिले में जून के मध्य में अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास है और मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी है।
जिले में शुष्क गर्मी नहीं हो रही कम
इस साल गर्मी शुरू से ही झुलसाने वाली रही और अप्रैल और मई में देखा गया कि पारा 40 डिग्री से नीचे नहीं गया। इस साल भी पारा 46 डिग्री तक चला गया है और रिकॉर्ड किया गया है कि जून के बरसाती महीने में भी पारा 42 डिग्री तक चला गया है। बारिश नहीं होने के कारण शुष्क गर्मी कम नहीं हो रही है और इस कारण जिलेवासी शुष्क मौसम में गर्मी से बेहाल है।
बुआई के लिए 80-100 मिमी बारिश जरूरी
कृषि अधिकारी, गोंदिया जिला अधीक्षक निलेश कानवडे ने कहा है कि “किसानों को बुआई में जल्दबाजी नहीं करना चाहिए। मुख्य फसल की बुआई करने के पहले 80 से 100 मिमी बारिश होना आवश्यक है। जब तक आवश्यकता के अनुसार बारिश नहीं हो जाती, तब तक बुआई न की जाए।”
यह भी पढ़ें:- छत्रपति संभाजीनगर में जायकवाड़ी बांध पर जल्द बनेगा अप्रोच चैनल, 9 जलकुंभों से 8 दिनों में शुरू होगी जलापूर्ति
तहसीलवार दर्ज बारिश
| तहसील का नाम | बारिश मिमी में |
| सड़क अर्जुनी | 17.6 |
| गोंदिया | 12.8 |
| अर्जुनी मोरगांव | 10.3 |
| देवरी | 8.4 |
| गोरेगांव | 7.6 |
| तिरोड़ा | 6.0 |
| आमगांव | 4.9 |
| सालेकसा | 2.0 |
