गोंदिया में जल जीवन मिशन पड़ा ठप, 45 करोड़ मांगे, मिले सिर्फ 5.88 करोड़; प्यासे रह जाएंगे 434 गांव!
Gondia Jal Jeevan Mission: गोंदिया में जल जीवन मिशन ठप। 45 करोड़ की मांग के बदले मिले सिर्फ 5.88 करोड़। 434 गांवों में शुद्ध पानी का इंतजार बढ़ा। सरपंचों ने दी आंदोलन की चेतावनी।
- Written By: प्रिया जैस
गोंदिया में जल जीवन मिशन योजना ठप (फाइल फोटो)
Water Supply Scheme Fund Crisis: गोंदिया जिले में जल जीवन मिशन के तहत 434 नल योजना जलापूर्ति को पूरा करने के लिए तुरंत 45 करोड़ रुपये के निधि की जरूरत है। लेकिन, सरकार ने एक पखवाड़े पहले सिर्फ 5 करोड़ 88 लाख रुपये दिए। इसलिए, इस विभाग के सामने सवाल खड़ा हो गया है कि जलापूर्ति योजना के काम को कैसे पूरा किया जाए, हालांकि इसके कारण, गांववालों को अब नल से साफ पीने का पानी मिलने के लिए कुछ और महीने इंतजार करना होगा।
इस बीच, निधि की कमी के कारण, पिछले दो सालों से इस विभाग में काम की रफ्तार बहुत धीमी चल रही है। केंद्र व राज्य सरकार की ‘हर घर नल से जल‘ योजना के तहत, जिले में जलापूर्ति विभाग के तहत कुल 1045 नल योजना को मंजूरी दी गई थी। शुरुआत में, इन काम के लिए 195 करोड़ रुपये की निधि दी गई थी।
धीमी रफ्तार से चल रहा काम
इस निधि से कुछ काम पूरे भी हुए। लेकिन पिछले दो वर्षों से केंद्र व राज्य से निधि की कमी के कारण, नल योजना का काम धीमी रफ्तार से चल रहा है। परिणामस्वरूप ‘हर घर नल से जल’ का सपना अधूरा ही दिख रहा है। ग्रामीण इलाकों के लोगों को साफ पीने का पानी देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने ‘हर घर नल से जल’ योजना के तहत गांवों में जलापूर्ति योजना मंजूर की हैं।
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इसके तहत जिले में 1045 काम भी मंजूर हुए। शुरुआत में नियमित निधि मिलने से 600 नल और जलापूर्ति योजना के काम पूरे हुए। लेकिन पिछले वर्ष से इस योजना को निधि मिलना बंद हो गया और 434 काम ठप हो गए। योजना के काम पूरे करने के लिए जहां 45 करोड़ रुपये चाहिए, वहीं सरकार से आठ दिन पहले सिर्फ 5 करोड़ 88 लाख रुपये का निधि मिला है।
इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि इसे कैसे पूरा किया जाए। इस बीच, ठेकेदारों ने भी बकाया पेमेंट मिलने तक काम शुरू न करने का फैसला किया है, जिससे विभाग के सामने दुविधा खड़ी हो गई है।
सरपंच संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
जिले के कई गांवों में जलापूर्ति योजना का काम रुक गया है। सड़क की खुदाई बीच में ही रोक दी गई है। इस वजह से सरपंचों को ग्रामीणों के रोष का सामना करना पड़ रहा है। जिससे जिले के सभी सरपंच आक्रामक हो गए हैं और जिला परिषद जलापूर्ति विभाग को काम पूरा करने की चेतावनी दी है। अब फिर से निधि की कमी के कारण काम अटकने वाले हैं। इसलिए सरपंच संगठन ने एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है।
