गोंदिया में अवैध खनन पर कसेगा जिलाधीश का शिकंजा, रात में उत्खनन पर प्रतिबंध; नई नीति से माफियाओं में हड़कंप
Gondia Illegal Mining: गोंदिया जिले में अवैध खनन और पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए राज्य सरकार ने नई खनन नीति लागू की है। जिलाधीश के तहत खनन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे।
Gondia District Collector News: गोंदिया जिले में बड़ी मात्रा में गौण खनिजों का खनन व परिवहन किया जा रहा है। कार्रवाई के बावजूद ये अवैध धंधे बंद होते नजर नहीं आ रहे हैं। लेकिन अब इस अवैध खनन पर अंकुश लगाना होगा। अवैध खनन, पहाड़ी खनन और अनियमित स्टोन क्रशरों से हो रहे भारी पर्यावरणीय नुकसान के मद्देनजर राज्य सरकार ने खनन नीति में बड़ा बदलाव किया है।
500 से लेकर 2,000 ब्रास तक के परमिट जारी करने का अधिकार तहसीलदार और प्रांतीय अधिकारी स्तर से छीन लिया गया है और ये शक्तियां अब सीधे जिलाधीश में निहित कर दी गई है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
पूरे राज्य में डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू कर रात में होने वाले खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे गोंदिया जिले को भी काफी फायदा होगा। तिरोड़ा तहसील में वैनगंगा नदी के किनारे अवैध खनन से किसानों को परेशानी हो रही है।
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जिले की वैनगंगा, बाघ नदी, चुलबंद आदि नदियों पर अवैध खनन और अनाधिकृत स्टोन क्रशरों के कारण वन क्षेत्र नष्ट हो रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने जिला स्तरीय नियंत्रण को मजबूत किया है।
अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए नियमित छापेमारी की जाएगी और जब्ती अभियान तेज किया जाएगा। पहले तहसील स्तर पर परमिट जारी करने की कई जटिल प्रक्रियाएं थीं, जिससे देरी होती थी।
यह अब जिलाधीश के एक ही कार्यालय से होगा, जो 30 दिन में अनुमति देगा। प्रत्येक जिले में खनन नियंत्रण कक्ष स्थापितप्रत्येक जिले में जिलाधीश की सीधी निगरानी में एक खनन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।
कक्ष में 5 सदस्य होंगे, एक खनन अधिकारी, पर्यावरण विशेषज्ञ, पुलिस निरीक्षक, राजस्व अधिकारी और डिजिटल विशेषज्ञ, सेल सभी परमिट, शिकायत निवारण और निरीक्षण को संभालेगा।
इस सेल के लागू होने के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह सेल जिले में कारोबार को फलनेफूलने में सफल होगा। साथ ही रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है और उल्लंघन करने वाले खदान मालिक पर 5 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा और परमिट रद्द कर दिया जाएगा।
अवैध रात्रि खनन से जिले में नुकसान हुआ है, ये कारगर साबित होगा। दोषियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाईखनन अनियमितता के मामले में दोषी पाए गए अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकी जाएगी।
उन्हें विभागीय जांच का सामना करना पड़ेगा और गंभीर मामलों में निलंबन या जबरन सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ेगा। इससे अधिकारियों में जिम्मेदारी बढ़ेगी।
डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू महाराष्ट्र खान विभाग के महाखान पोर्टल के माध्यम से डिजिटल ट्रैकिंग शुरू की जाएगी। प्रत्येक खदान में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे और खनन की जानकारी हर घंटे अपडेट की जाएगी।
इसे सबसे पहले जिले की कई खदानों पर लागू किया जाएगा, जिससे अवैध ट्रकों को पकड़ना आसान हो जाएगा। एक प्रतिक्रिया आएगी उसके लिए जगह छोड़ कर रखे।
