अकोला में राष्ट्रीय टीकाकरण सप्ताह आज से शुरू, 30 अप्रैल तक बच्चों व महिलाओं को ‘सुरक्षित भविष्य’ की गारंटी
Akola News: अकोला में 24 से 30 अप्रैल तक राष्ट्रीय टीकाकरण सप्ताह का आयोजन। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए जनजागृति और एचपीवी टीकों पर विशेष जोर
Akola National Immunization Week: हर वर्ष 24 से 30 अप्रैल के बीच राष्ट्रीय टीकाकरण सप्ताह मनाया जाता है। इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य टीकाकरण के महत्व पर जनजागृति करना, प्रत्येक बालक और गर्भवती महिला तक टीके पहुँचाना तथा संक्रामक रोगों से समाज की रक्षा करना है।
टीकाकरण स्वास्थ्य क्षेत्र का सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय माना जाता है। टीके शरीर में रोगों के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता विकसित करते हैं और गंभीर बीमारियों से बचाव करते हैं। गोवर, पोलियो, क्षयरोग, डिप्थेरिया, कुक्कुर खाँसी और टिटनस जैसे रोगों पर नियंत्रण पाने के लिए टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।
एचपीवी टीकाकरण अभियान महाराष्ट्र में 8 मार्च से एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। यह टीका महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को रोकने में अत्यंत प्रभावी है। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए एचपीवी टीका महत्वपूर्ण है। 14 से 15 वर्ष की आयु की लड़कियों को यह टीका दिया जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
गोंदिया में महिला आरक्षण की आड़ में भाजपा ने रची गलत परिसीमन की साजिश, कांग्रेस जिलाध्यक्ष वंदना काले का हमला
तिरोड़ा: सिंचाई के अभाव में सूख रही रबी धान की फसल, धापेवाड़ा प्रकल्प के खिलाफ 42 गांवों के किसानों का आक्रोश
भंडारा खेत में बैंगन तोड़ रहे किसान पर जंगली सूअर का हमला, गंभीर रूप से घायल; वन विभाग से मदद की गुहार
साकोली लवारी में वन विभाग द्वारा खेत मार्ग पर लगाया गया अवरोध हटा, किसानों को मिली आवागमन की बड़ी राहत
भारत सरकार के सार्वत्रिक टीकाकरण कार्यक्रम UIP के अंतर्गत बच्चों को जन्म से लेकर 16 वर्ष तक विभिन्न टीके निशुल्क दिए जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को भी टिटनस और अन्य आवश्यक टीके दिए जाते हैं, जिससे माँ और शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है।
टीकाकरण से केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरा समाज सुरक्षित होता है। इससे हर्ड इम्युनिटी यानी समूह प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है और रोगों का प्रसार कम होता है। इसलिए प्रत्येक मातापिता को अपने बच्चों का टीकाकरण समय पर पूरा करना चाहिए।
आज भी कुछ स्थानों पर अज्ञान, भय या अफवाहों के कारण लोग टीकाकरण से संकोच करते हैं। इन गलतफहमियों को दूर कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना समय की आवश्यकता है। टीके सुरक्षित, प्रभावी और सरकार द्वारा मान्य हैं।
स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे प्रत्येक टीका सुरक्षित भविष्य की गारंटी इस संदेश को ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों को टीकाकरण सप्ताह में सक्रिय हिस्सा लेना चाहिए। प्रत्येक बालक, गर्भवती महिला और 14 से 15 वर्ष की आयु की लड़कियों को एचपीवी टीका दिलाकर हम एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
बालासाहब घुगे, जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी।
