Gondia: डीजल की कालाबाजारी रोकने प्रशासन सख्त, गोंदिया में पेट्रोल पंपों को नए निर्देश जारी
Diesel Supply Rules: गोंदिया जिला प्रशासन ने किसानों को सीधे ट्रैक्टर के फ्यूल टैंक में डीजल देने के निर्देश दिए हैं, जबकि खुले डिब्बों में ईंधन बेचने पर रोक लगा दी है।
- Written By: केतकी मोडक
Petrol Pump Guidelines Maharashtra: किसानों की डीजल की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे जिले के किसानों को उनकी मांग के अनुरूप उनके ट्रैक्टर के फ्यूल टैंक में ही डीजल दें। खेती-बाड़ी के काम में तेजी लाने और फ्यूल का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए मुख्यमंत्री की वर्चुअल बैठक के बाद यह अहम फैसला लिया गया है।
वर्तमान में सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी होने की अफवाहें फैल रही हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ देखी जा रही है। इस स्थिति पर जिलाधीश डॉ. मंगेश गोंदावले ने स्पष्ट किया कि जिले में तीनों बड़ी कंपनियों भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के पेट्रोल और डीजल का काफी स्टॉक है तथा आपूर्ति पूरी तरह ठीक है।
खुले डिब्बों में बेचने पर रोक
प्रशासनिक नियमों के अनुसार, किसानों को पेट्रोल पंप पर अपना वाहन ले जाना जरूरी होगा। वाहन का फ्यूल टैंक भरवाने के बाद, संबंधित वाहन की आरसी बुक जमा करनी होगी। किसी भी हालत में, खेती का वाहन न होने पर कैन, बोतल, डिब्बे या अन्य खुले डिब्बों में पेट्रोल या डीजल बेचना पूरी तरह से सख्त मना किया गया है।
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जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता
एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और दूसरी जरूरी सेवा वाले वाहनों को बिना किसी रुकावट के प्राथमिकता के क्रम में फ्यूल देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, पंप संचालकों को अपने बचे हुए स्टॉक, नए मिले स्टॉक और मांगे गए स्टॉक की जानकारी रोजाना ग्राहकों को दिखने वाले बोर्ड पर प्रदर्शित करनी होगी।
जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप मालिकों, ड्राइवरों और मैनेजरों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जमाखोरी पर जिला प्रशासन की तेज ‘नजर’
रात के समय चोरी-छिपे फ्यूल की अवैध बिक्री को रोकने के लिए गोंदिया जिलाधीश ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को अपने सीसीटीवी सिस्टम 24 घंटे चालू रखने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि संबंधित तहसील के जांच अधिकारी इस सीसीटीवी सिस्टम की समय-समय पर जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
फ्यूल की ब्लैक मार्केटिंगऔर जमाखोरी रोकने के लिए हर तहसील में तहसीलदार के नेतृत्व में स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें हर सप्ताह पेट्रोल पंपों की अचानक जांच कर जिला प्रशासन को अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपेंगी।
ब्लैक मार्केट पर प्रशासन की निगरानी
जिलाधीश डॉ. मंगेश गोंदावले ने कहा कि “मुख्यमंत्री ने बुधवार को वर्चुअल सभा ली थी। उस सभा में दिए गए आदेश के अनुसार जिले के सभी पंप संचालकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। किसानों को तुरंत डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं और उन्हें उनके वाहन में ही डीजल दिया जाएगा। पेट्रोल और डीजल की ब्लैक मार्केट पर प्रशासन की कड़ी नजर है।”
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जरूरी फ्यूल स्टॉक उपलब्ध
जिला आपूर्ति अधिकारी प्रकाश पाटिल ने कहा कि “जिले में पेट्रोल और डीजल का काफी स्टॉक उपलब्ध है। सभी पंप संचालकों को किसानों को पेट्रोल और डीजल देने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने वाले पंप संचालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में जरूरी फ्यूल स्टॉक पूरी तरह उपलब्ध है।”
