गोंदिया, ब्यूरो। जिले में हजारों नागरिकों ने अपने घरों के उपर सौर ऊर्जा सयंत्र लगाए हैं। लेकिन राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कुछ बदलाव किए जाने के कारण अब यह योजना खटाई में पड़ती नजर आ रही है।
इसके कारण पंजीकृत वेंडरों को काम करना भी मुश्किल हो रहा है। ऑल इंडिया रिन्युएबल एसोसिएशन गोंदिया के जिलाध्यक्ष दिगंबर साठवने ने बताया कि इस संबंध में वेंडरों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए 5 मार्च को महावितरण के मुख्य अभियंता को ज्ञापन भी सौंपा है।
नई नीति के चलते ग्राहक अब अपनी मर्जी के अनुसार क्षमता के सोलर पैनल नहीं लगवा सकता। जबकि सौर ऊर्जा का प्रकल्प ग्राहक अपनी भविष्य की विद्युत की मांग को देखते हुए लगवाता है।
बची बिजली महावितरण को देने की व्यवस्था भी थी। नए नियम के अनुसार सोलर पैनल लगाने के इच्छुक ग्राहक के पिछले एक वर्ष के बिजली के उपयोग के औसत यूनिट के आधार पर उसकी सोलर लगाने की क्षमता तय की जाएगी।
13 फरवरी से नई नीति के खिलाफ वेंडर कामबंद आंदोलन पर हैं। इसके परिणामस्वरूप जिले के लगभग 200 पंजीकृत वेंडरों के साथ ही उनके साथ काम करने वाले लगभग 10 हजार परिवारों पर बेरोजगारी का संकट आ खड़ा हुआ है।
आंदोलन के दौरान कई प्रमुख वेंडर उपस्थित थे, जिन्होंने इस मुद्दे को उठाया। महावितरण द्वारा उपभोक्ताओं को पेनल्टी लगाकर बिल दिए जा रहे हैं, जिससे सौर ऊर्जा का उपयोग करने वाले ग्राहकों में चिंता बढ़ गई है।
महावितरण गोंदिया के कार्यकारी अभियंता आनंद जैन ने कहा कि उपभोक्ताओं को इस मामले में उचित जानकारी दी जाएगी।