आधार कार्ड (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Aadhaar Card Mandatory for Schools: विभिन्न योजना व छूट के लिए विद्यार्थियों का आधार सत्यापन जरूरी है। राज्य में दो करोड़ चार लाख से ज्यादा विद्यार्थियों में से 93.51 प्रश विद्यार्थियों ने शालेय शिक्षा विभाग के जरिए अपना आधार सत्यापन पूरा कर लिया है।
जिले में 2 लाख 19 हजार 968 विद्यार्थियों का सत्यापन हो चुका है, जबकि 5 हजार 510 विद्यार्थियों का आधार सत्यापन नहीं हुआ है, इसलिए इन विद्यार्थियों के पोषण आहार से लेकर मुफ्त गणवेश और किताबें तक सभी सरकारी छूट से वंचित रहने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि 1 हजार 112 विद्यार्थियों के पास आधार कार्ड नहीं हैं।
आधार सत्यापन में देवरी तहसील सबसे आगे है, तहसील के 27 हजार 114 विद्यार्थियों में से 26 हजार 505 विद्यार्थियों का सत्यापन हो चुका है। जबकि 86 विद्यार्थियों को आधार कार्ड नहीं दिए गए हैं।
जिले में 2 लाख 19 हजार 968 विद्यार्थियों का आधार सत्यापन हो चुका है। जिन विद्यार्थियों का आधार सत्यापन लंबित है। इसमें दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों के बच्चे, स्थलांतरित करने वाले घुमंतू जनजातियों के बच्चे और शहर के कुछ हिस्सों में रहने वाले घुमंतू जनजातियों के बच्चे शामिल हैं। उनके अभिभावकों को आधार अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
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आधार नंबर हर विद्यार्थियों की एक खास पहचान बनाता है। इससे नकली या फर्जी पंजीकरण से बचने में मदद मिलती है। विद्यार्थियों को शालेय पोषण आहार, मुफ्त किताबें, गणवेश, छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का फायदा मिलता है। एक ही विद्यार्थी का नाम अलग-अलग स्कूलों में दिखाकर योजनाओं का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए आधार सत्यापन जरूरी है। छात्रवृत्ति या दूसरी आर्थिक मदद सीधे विद्यार्थियों या अभिभावकों के बैंक खाते में जमा करने के लिए भी आधार जरूरी है।