

Gondia Agricultural Produce Market Committee: गोंदिया कृषि उत्पन्न बाजार समिति (एपीएमसी) की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। समिति के 13 संचालकों ने सभापति भाऊराव उके व उपसभापति राजकुमार पटले के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लेते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप दिया। इस घटनाक्रम से बाजार समिति की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ज्ञापन में समिति के वर्तमान नेतृत्व पर विश्वास नहीं रहने की बात कहते हुए नियमानुसार विशेष बैठक बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की मांग की गई है।
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र कृषि उपज पनन (विकास व विनियमन) अधिनियम व नियमों के तहत प्रस्तुत इस ज्ञापन पर 13 संचालकों के हस्ताक्षर हैं। यदि प्रस्ताव नियमानुसार स्वीकार किया जाता है तो जिलाधिकारी की ओर से विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें मतदान के बाद सभापति व उपसभापति के भविष्य पर फैसला होगा। सूत्रों के अनुसार, समिति के भीतर पिछले कुछ समय से कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णयों और समन्वय को लेकर असंतोष बढ़ रहा था।
इसी असंतोष के चलते बहुमत वाले संचालकों ने अविश्वास प्रस्ताव का रास्ता अपनाया। हालांकि, प्रस्ताव के पीछे के विस्तृत कारणों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम गोंदिया की सहकार राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। अब सभी की नजरें जिलाधिकारी द्वारा आगे की प्रक्रिया और विशेष बैठक की तारीख पर टिकी हैं।
अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले 13 संचालकों में पंकज यादव, धनजय तुरकर, राजीव ठकरेले, ओमेश्वर चौधरी, चेतनकुमार बहेकार, राधाकृष्ण ठाकुर, मुरलीधर नागपुरे, अरूण गजभिये, धनलाल ठाकरे, विजय उके, संचालिका कौशल तुरकर व श्यामकला पाचे का समावेश है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाले मतदान में बहुमत किसके पक्ष में जाता है और क्या बाजार समिति को नया नेतृत्व मिलता है या वर्तमान पदाधिकारी अपना पद बचाने में सफल रहते हैं।