जर्जर हुए गोंदिया के 40 साल पुराने सरकारी छात्रावास, 570 विद्यार्थियों की सुरक्षा पर मंडराया रहा खतरा

Dilapidated Hostels: गोंदिया के आठ छात्रावासों में से तीन जर्जर हो चुके हैं। 570 विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। नए भवन शुरू करने और पुराने गिराने की तैयारी जारी है।
Gondia Dilapidated Hostels Student Safety New Hostel
जर्जर हुए गोंदिया के सरकारी छात्रावास(सोर्स: AI)
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Gondia Dilapidated Hostels: गोंदिया जिले में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों की बदहाल स्थिति विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन गई है। जिले के कुल आठ छात्रावासों में से तीन छात्रावासों की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं और उनकी दीवारों में दरारें आने लगी हैं।

इन भवनों में रह रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है। समाज कल्याण विभाग के अनुसार जिले में करीब 570 विद्यार्थी इन छात्रावासों में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें छह छात्रावास किराए के भवनों में संचालित हैं, जबकि दो विभागीय भवन लगभग 40 वर्ष पुराने होने के कारण अब उपयोग के लिहाज से असुरक्षित माने जा रहे हैं।

विभाग ने क्या बताया?

समाज कल्याण विभाग ने बताया कि पुराने भवनों में रहने वाले विद्यार्थियों को पहले सुरक्षित वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद जर्जर छात्रावासों को ध्वस्त कर नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अर्जुनी मोरगांव में नया छात्रावास तैयार है, लेकिन कुछ निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण अभी तक उसे शुरू नहीं किया जा सका है। इसी वजह से विद्यार्थियों को फिलहाल पुराने और खस्ताहाल भवनों में रहना पड़ रहा है।

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छत्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी

वंचित बहुजन युवा आघाड़ी और क्रांति बहुउद्देशीय संस्था ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आठ दिनों के भीतर विद्यार्थियों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में उपविभागीय अधिकारी ज्योति कांबले को ज्ञापन सौंपकर नए छात्रावास को जल्द शुरू करने की मांग की गई है।

समाज कल्याण विभाग के उपआयुक्त किशोर भौयर ने कहा कि अर्जुनी मोरगांव छात्रावास का शेष कार्य पूरा होते ही विद्यार्थियों को वहां स्थानांतरित किया जाएगा और पुराने जर्जर भवनों के स्थान पर नए छात्रावास बनाए जाएंगे।