गोंदिया भूजल संकट, बारिश का पानी हो रहा बेकार; गर्मी में पानी की किल्लत, समाधान होते हुए भी अनदेखी
Gondia Water Conservation: गोंदिया में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिर्फ कागजों तक सीमित। नियम लागू नहीं, जिससे भूजल स्तर गिर रहा है और गर्मियों में जलसंकट बढ़ रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Gondia Gainwater Harvesting: गोंदिया बारिश के पानी को जमीन में जमा करने के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की संकल्पना अमल में लाई गई है। लेकिन यह योजना सिर्फ कागजों पर दिखाई दे रही है। प्रत्यक्ष में योजना पर अमल नहीं होता दिख रहा है। इस वर्ष जिले में काफी बारिश हुई। प्रत्येक वर्ष होने वाली बारिश का जल भूगर्भ जल के रूप में संचित कर सकते हैं।
इसके लिए जरूरी नहीं कि बड़ा घर या परिसर हो। विशेषज्ञों का यहां तक दावा है कि एक बरसाती मौसम में 1,000 वर्ग फीट की छोटी सी छत से लाखों लीटर पानी जमीन के अंदर उतारा जा सकता है। गर्मी के मौसम में कुएं, बोरवेल के जलस्तर को कम होने से रोकने घर-घर में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का निर्णय बड़े स्तर पर लिया गया।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग नहीं होने पर इमारत निर्माण कार्य को अनुमति नहीं देने का निर्णय भी लिया गया था, लेकिन प्रशासन ही अपने इस निर्णय को भूल गया है। नागरिकों द्वारा निर्माण कार्य के दौरान इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। गर्मी के 4 माह में कड़ाके की गर्मी के समय जलस्त्रोतों पर असर पड़ने से पेयजल की समस्या पैदा होती है।
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उस संकट से निपटने रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की आवश्यकता है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पानी बचाने का तरीका जल संचय के लिए बारिश के पानी को हैंडपंप, बोरवेल या कुए के माध्यम से भूगर्भ जल में मिलाया जा सकता है।
वर्षा जल संचय के 2 तरीके हैं। एक तो छत के बरसाती पानी को गड्ढे अथवा पाइप के जरिए सीधे जमीन के भीतर उतारना व दूसरा तरीका यह है कि छत के पानी को किसी टैंक में एकत्र कर सीधे उपयोग में लेना। 1,000 वर्गफुट की छत वाले मकान के लिए यह तरीका बहुत उपयुक्त है।
पानी को फिल्टर करने अपनाएं संसाधन
सबसे पहले जमीन 3 से 5 फीट चौड़ा व 5 से 10 फीट गहरा गड्डा बनाना होता है, छत से पानी एक पाइप के जरिए इस गड्ढे में उतारा जाता है। खुदाई के बाद इस गड्ढे में सबसे नीचे मोटे पत्थर कंकड़, बीच में मध्यम आकार के पत्थर रोडी और सबसे ऊपर बारीक रेत या बजरी डाल दी जाती है। यह पानी को छानने फिल्टर करने की भी आसान विधि है।
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सिस्टम फिल्टर का काम करता है। इसके अलावा 5 बाय 5 का गड्डा खोदकर मिट्टी निकालने के बाद उसमे डेढ़ फीट गिट्टी कच्ची रोडी उसके बाद बारीक रोडी की 6 इंच की परत बिछाने के बाद प्लास्टिक का ड्रम या आरसीसी के पाइप के चारों साइड में छेद किए जाने चाहिए।
