फर्जी माप से कराया अतिरिक्त भुगतान! बिरसी एयरपोर्ट रनवे निर्माण में वित्तीय हेराफेरी पर नागपुर CBI की FIR
Gondia Birsi Airport: गोंदिया के बिरसी एयरपोर्ट निर्माण कार्य में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं पर सीबीआई ने एएआई के अधिकारी, ठेकेदार फर्म और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
- Written By: अंकिता पटेल
गोंदिया, बिरसी एयरपोर्ट,(साेर्स: एआई फोटो)
Gondia Birsi Airport Civil Work Scam: गोंदिया के बिरसी एयरपोर्ट पर करोड़ों रुपये के सिविल निर्माण कार्य में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, नागपुर ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के इंजीनियरिंग-सिविल विभाग सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) संजीव कुमार सिंह, मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित कांट्रैक्टर फर्म मेसर्स राय सिंह एंड कंपनी और अन्य अज्ञात लोकसेवकों एवं निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीबीआई ने आरोपियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग, फर्जी माप पुस्तिका तैयार कर अतिरिक्त भुगतान कराने तथा गुणवत्ता से समझौता करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। सीबीआई को मिली शिकायत के आधार पर की गई सत्यापन कार्रवाई में सामने आया कि बिरसी एयरपोर्ट पर रनवे-22 के विस्तारित हिस्से तथा डीवीओआर क्षेत्र – की ऑपरेशनल बाउंड्री के निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई।
यह निर्माण कार्य 25 मई 2023 को जारी वर्क ऑर्डर के तहत मेसर्स राय सिंह एंड कंपनी को सौंपा गया था। कार्य जून 2023 में प्रारंभ हुआ और फरवरी 2024 में पूरा होना दर्शाया गया। उस समय संजीव कुमार सिंह परियोजना के प्रभारी थे, जबकि मैनेजर (इंजीनियरिंग-सिविल) भवेश पी। मेहता उनके सहयोगी के रूप में कार्य देख रहे थे।
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फर्जी माप के आधार पर भुगतान
जांच में सीबीआई ने पाया कि निर्माण कार्य का वास्तविक मूल्य 3.50 करोड़ रुपये था, जबकि फर्जी माप और बढ़ा-चढ़ाकर तैयार किए गए रिकॉर्ड के आधार पर ठेकेदार को 4.65 करोड़ का भुगतान कर दिया गया। इस तरह 1.15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। बाद में समायोजन के उपरांत भी 92.29 लाख रुपये की राशि शासन के लिए नुकसान के रूप में सामने आई, जिसकी वसूली ठेकेदार फर्म से की जानी शेष है।
सत्यापन के दौरान सीबीआई को यह भी पता चला कि परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से मेजरमेंट बुक में गलत प्रविष्टियां दर्ज की। निर्माण कार्य की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं रखी गई।
स्वीकृत कार्य सीमा से बाहर जाकर अतिरिक्त कार्य कराया गया, जबकि इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से कोई अनुमति नहीं ली गई। इसके अलावा कार्य आदेश में निर्धारित मात्रा और तकनीकी मानकों से अधिक विचलन भी किया गया।
जांच के दायरे में अन्य अधिकारियों की भूमिका भी
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताओं के पर्याप्त साक्ष्य मिले है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों तथा निजी व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बिरसी एयरपोर्ट को विदर्भ के महत्वपूर्ण हवाई अड्डों में माना जाता है।
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ऐसे में एयरपोर्ट के आधारभूत ढांचे के निर्माण मैं सामने आई वित्तीय अनियमितताओं ने सरकारी एजेंसियों की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र के तहत हेराफेरी करने और अपने पद का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
