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ईयर टैग नहीं तो सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं, पशुपालकों के लिए सरकार की सख्त चेतावनी

Gondia Animal Ear Tag: गाय और भैंस के लिए ईयर टैगिंग और भारत पशुधन प्रणाली में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। बिना ईयर टैग वाले पशुओं की खरीदी-बिक्री, परिवहन और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

  • Author By Manoj Akotkar | published By महाराष्ट्र डेस्क |
Updated On: Jun 29, 2026 | 07:00 PM

Animal Husbandry (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)

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Gondia Animal Husbandry: सरकार ने राज्य में गाय और भैंस पशुधन का सटीक रिकॉर्ड रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए ईयर टैगिंग अभियान को और अधिक सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अनुसार, बिना ईयर टैग वाले जानवरों की खरीदीबिक्री, परिवहन और विभिन्न सरकारी लाभों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

जिससे पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को तुरंत ईयर टैगिंग कराकर भारत पशुधन प्रणाली में पंजीकरण कराएं। कृषि, पशुपालन, डेयरी विभाग के 27 फरवरी 2024 के सरकारी निर्णय के अनुसार, राज्य में प्रत्येक गाय और भैंस पशुधन के कान में 12 अंकों की पहचान संख्या वाला ईयर टैग होना अनिवार्य है।

भारत पशुधन प्रणाली में पंजीकरण जरूरी

सरकार ने 1 जून 2024 से बिना टैग वाले जानवरों की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। जानवरों का आधार कार्ड पशुओं की ईयर टैगिंग सख्ती से अनिवार्य है। इसे जानवरों का आधार कार्ड भी कहा जाता है। केंद्र सरकार की भारत पशुधन प्रणाली के तहत, प्रत्येक जानवर के कान पर 12 अंकों की एक अद्वितीय संख्या वाला एक टैग लगाया जाता है। केंद्र और राज्य सरकारों की पशुपालन से संबंधित विभिन्न अनुदान, वित्तीय सहायता और विकास योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भारत पशुधन प्रणाली के साथ पंजीकरण अनिवार्य है।

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बिना ईयर टैग वाले पशुओं पर सख्ती

पशु चिकित्सा सेवाएं भी नहीं मिलती महाराष्ट्र में सभी जानवरों की ईयर टैगिंग अनिवार्य कर दी गई है। केंद्र सरकार की भारत पशुधन प्रणाली के तहत प्रत्येक जानवर को 12 अंकों की एक विशिष्ट आईडी बारकोड दी जाती है, जिसे जानवर का आधार कार्ड माना जाता है। बिना टैग वाले जानवरों को सरकारी पशु चिकित्सा सेवाएं नहीं मिलती है और उनकी खरीदी, बिक्री और परिवहन को अवैध माना जाता है।

पशुपालन विभाग में मिल रही निशुल्क सुविधा

पशुसंवर्धन विभाग सहायक आयुक्त डॉ. कांतिलाल पटले ने कहा कि भारत पशुधन प्रणाली के तहत पशुओं की ईयर टैगिंग निःशुल्क की जाती है। यह गोंदिया सहित राज्य में पशुओं की पहचान, टीकाकरण और उपचार को रिकॉर्ड करने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा आपके घर या पशु चिकित्सालय में जाकर किया जाता है।

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Published On: Jun 29, 2026 | 06:38 PM

Topics:  

  • Cow
  • Gondia News
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