फर्जी RTO लिंक से सावधान, 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी के बाद RTO अधिकारी ने जारी की चेतावनी
Gondia News: गोंदिया जिले में साइबर क्राइम की एक घटना के बाद, उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे ई-चालान को भरने के लिए आने वाले किसी फर्जी लिंक्स पर क्लिक न करें।
- Written By: आकाश मसने
गोंदिया आरटीओ ऑफिस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gondia RTO Officer Warning: गोंदिया जिले में साइबर अपराधियों ने अब ई-चालान के बहाने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। ये अपराधी RTO के नाम से फर्जी संदेश भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। गोंदिया में हुई एक हालिया घटना के बाद, उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (RTO) राजेंद्र केसकर ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे फर्जी लिंक्स पर क्लिक न करें।
सर्राफा व्यापारी के साथ 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी
दुर्गा चौक के 49 वर्षीय सर्राफा व्यापारी विवेक अग्रवाल साइबर धोखाधड़ी के इस नए जाल का शिकार बन गए। अग्रवाल के मोबाइल पर एक संदेश आया, जिसमें ‘RTO E-challan APK’ लिखा हुआ एक लिंक था। जैसे ही उन्होंने इस लिंक को खोला, उनका मोबाइल हैक हो गया और कुछ ही पलों में उनके HDFC बैंक के चालू खाते से IMPS के जरिए 5 लाख रुपये निकाल लिए गए। इस घटना से यह साफ हो गया है कि साइबर लुटेरे कितने शातिर हो गए हैं और कैसे आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।
फर्जी चालान से कैसे बचें?
इस घटना के बाद, उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी राजेंद्र केसकर ने नागरिकों को आगाह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि RTO विभाग कभी भी SMS या WhatsApp के माध्यम से सीधे भुगतान के लिए कोई लिंक नहीं भेजता है। इसके बजाय, RTO नोटिस भेजता है, जिसमें चालान और भुगतान के तरीके की जानकारी होती है।
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केसकर ने लोगों से अपील की है कि वे केवल सुरक्षित और आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों का ही उपयोग करें। अगर आपको कोई चालान आया है, तो उसका भुगतान केवल Parivahan.gov.in जैसी वेबसाइटों के माध्यम से ही करें।
साइबर ठगों का नया तरीका
आर्थिक अपराध इकाई ने भी इस नए धोखाधड़ी के तरीके पर प्रकाश डाला है। साइबर अपराधी RTO के नाम से चालान का मैसेज भेजते हैं और फिर दंड वसूली के बहाने लोगों से उनके बैंक खाते की जानकारी चुरा लेते हैं। ये अपराधी APK (एंड्रॉयड पैकेज किट) के जरिए लोगों के फोन को हैक कर लेते हैं, जिससे वे उनके खाते से पैसे निकाल पाते हैं। इसलिए, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि किसी भी अनजान लिंक या ऐप पर क्लिक न करें। यह ठगों का एक नया हथकंडा है, और सावधानी ही एकमात्र बचाव है।
