40% पुराने वाहनों में लगी HSRP, 60% गाड़ियों में नंबर प्लेट अब भी बाकी, शासन लेगा एक्शन!

HSRP Number Plate: महाराष्ट्र शासन द्वारा 2019 के पहले पंजीकृत सभी दोपहिया व चारपहिया वाहनों पर 15 अगस्त 2025 से पहले हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाना अनिवार्य किया है।
HSRP Number Plate: महाराष्ट्र शासन द्वारा 2019 के पहले पंजीकृत सभी दोपहिया व चारपहिया वाहनों पर 15 अगस्त 2025 से पहले हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाना अनिवार्य किया है।
HSRP नंबर प्लेट (फाइल फोटो)
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HSRP Number Plate: वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने के लिए 114 केंद्र संचालित हैं और अब तक 40 प्रतिशत पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी किरण बिडकर ने यह जानकारी द्वारा समय सर्वोच्च पर दिए गए निर्देशों के अनुसार हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

नंबर प्लेट राष्ट्रीय सुरक्षा, वाहन चोरी, सड़क पर चल रहे वाहनों की पहचान और वाहन संबंधी अपराधों पर नियंत्रण के लिए आवश्यक है। सरकार ने नागपुर शहर में ये नंबर प्लेट लगाने के लिए मेसर्स रोसमार्टा सेफ्टी सिस्टम्स लिमिटेड को अधिकृत किया है।

नागपुर में रोसमार्टा कंपनी को दिया टेंडर

शहर में 1 अप्रैल 2019 से पहले वैध पंजीकरण वाले कुल 8,72,473 वाहन हैं जिनमें से 3,40,499, यानी लगभग 40% ने एचएसआरपी 27% वाहनों में सीधे एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाई जा चुकी है। अन्य वाहनों के लिए अपॉइंटमेंट देने और प्लेट लगाने की प्रक्रिया संबंधित कंपनी द्वारा की जा रही है। रोसमार्टा कंपनी द्वारा नागपुर शहर में कुल 114 केंद्र शुरू किए गए हैं और इन केंद्रों में प्रति दिन 5,645 वाहनों पर एचएसआरपी लगाने की क्षमता है।

HSRP नंबर प्लेट लगवाने के आखिरी दो दिन बचे

महाराष्ट्र शासन द्वारा 2019 के पहले पंजीकृत सभी दोपहिया व चारपहिया वाहनों पर 15 अगस्त 2025 से पहले हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाना अनिवार्य किया है। लेकिन नागपुर जिले की स्थिति देखकर यह लक्ष्य पूरा होना लगभग असंभव लग रहा है।

ग्राहक न्याय परिषद, नागपुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिले में कुल 22 लाख 34 हजार वाहनों को HSRP नंबर प्लेट लगाई जानी है, जबकि अब तक केवल 4 लाख वाहनों पर ही यह प्रक्रिया पूरी हो सकी है। इसका मतलब है कि 18 लाख वाहन अब भी इस नियम के बाहर हैं और अंतिम तारीख आने में सिर्फ 2 दिन बचे हैं।

अब शासन पर टिकी निगाहें

अब पूरा राज्य इस बात पर नजर लगाए हुए है कि, क्या सरकार अंतिम क्षणों में डेडलाइन बढ़ाने का निर्णय लेगी? या फिर 15 अगस्त के बाद कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी? इस स्थिति में शासन की ओर से तत्काल हस्तक्षेप और समाधान की अपेक्षा की जा रही है ताकि यह योजना सफल हो सके और जनता में विश्वास बना रहे।

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