अर्जुनी नगर पंचायत; विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा नाली निर्माण, तीन माह में ही उखड़ने लगा सीमेंट
अर्जुनी नगर पंचायत के वार्ड 17 में घटिया निर्माण सामग्री के कारण नई नाली तीन महीने में ही धंसने लगी है। नागरिकों ने ठेकेदार और अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
Arjuni Nagar Panchayat News: अर्जुनी नगर पंचायत क्षेत्र में करोड़ों रु। के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 38 कार्यों को मंजूरी मिली, जिनमें नाली निर्माण, सीमेंट सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के काम शामिल हैं। इन कार्यों का उद्देश्य शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट दिखाई दे रही है।
शहर के वार्ड क्र. 17 में हाल ही में नाली निर्माण का कार्य किया गया था। यह निर्माण कवर सहित किया गया, लेकिन महज तीन महीनों में ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में तय मानकों का पालन नहीं किया गया और सामग्री का स्तर बेहद निम्न रखा गया।
नाली के कवर की मोटाई कम रखी गई है, जिससे उसकी मजबूती पर असर पड़ा है। इसके अलावा सीमेंट कार्य के बाद आवश्यक पानी डालने क्योरिंग की प्रक्रिया भी सही तरीके से नहीं की गई। परिणामस्वरूप कई स्थानों पर सीमेंट उखड़ने लगा है और नाली का ढांचा कमजोर हो गया है।
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उल्लेखनीय है कि निर्माण के कुछ ही महीनों के भीतर नाली धंसने लगी है। यदि इतनी कम अवधि में यह हाल है, तो आने वाले वर्षों में इसकी स्थिति क्या होगी, यह एक बड़ा सवाल बन गया है। ठेकेदार और अधिकारियों की अनदेखीनागरिकों का कहना है कि यह सीधे तौर पर ठेकेदार और अधिकारियों की अनदेखी का परिणाम है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस निर्माण में अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत है। शाखा अभियंता द्वारा समयसमय पर निरीक्षण न किए जाने से ठेकेदारों को मनमानी करने का मौका मिला। इसी कारण शहर के अन्य वार्डों में बने सीमेंट सड़कों पर भी दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
वार्ड क्र. 17 के नागरिकों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। निर्माणकार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगीइस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और आगे से निर्माणकार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।
