छत्तीसगढ़ की समर्थन मूल्य खरीद योजना का अध्ययन करने जाएगा महाराष्ट्र का दल, अब 72 घंटे में होगा किसानों का भुग
महाराष्ट्र सरकार ने छत्तीसगढ़ की MSP योजना का अध्ययन करने के लिए विशेष दल का गठन किया, 72 घंटे में किसानों को भुगतान की व्यवस्था परखेंगे।
Gondia News: महाराष्ट्र सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP खरीदी योजना का अध्ययन करने के लिए एक विशेष अध्ययन दल के गठन को मंजूरी दे दी है. यह निर्णय महाराष्ट्र विधानमंडल के वर्ष 2026 के बजट सत्र के दौरान हुई चर्चा के बाद लिया गया.दरअसल, विप सदस्य डॉ. परिणय फुके ने नियम 97 के तहत इस विषय पर अल्पकालीन चर्चा उठाई थी. चर्चा के दौरान यह मुद्दा सामने आया कि छत्तीसगढ़ में किसान पोर्टल के माध्यम से धान खरीदी का भुगतान किसानों को 72 घंटे के भीतर किया जा रहा है. इसी व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए जनप्रतिनिधियों का एक दल भेजने की मांग की गई थी, जिसे मंत्री खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण ने सदन में स्वीकार किया था.
सरकार की स्वीकृति के बाद गठित इस अध्ययन दल में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल किए गए हैं. इनमें विप सदस्य प्रवीण दरेकर, डॉ. परिणय फुके, अभिजीत वंजारी, राजेश राठौड़ तथा विधायक विनोद अग्रवाल, संजय पुराम, राजू कारेमोरे, विजय रहांगडाले और नरेंद्र भोंडेकर शामिल हैं. इसके अलावा नागपुर के उपायुक्त आपूर्ति तथा मुंबई के उप नियंत्रक राशन वितरण व निदेशक, नागरिक आपूर्ति को भी दल में शामिल किया गया है.डॉ. फुके की पहल लाई रंगयह अध्ययन दल छत्तीसगढ़ में किसान पंजीयन, खरीदी प्रक्रिया, 72 घंटे के भीतर भुगतान प्रणाली और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेगा.
सरकार ने नागपुर के उपायुक्त आपूर्ति को निर्देश दिए हैं कि वे जनप्रतिनिधियों के समन्वय से दौरे की विस्तृत योजना तैयार करें. इस योजना में दौरे की अवधि, स्थान, संबंधित अधिकारियों से बैठकें और निरीक्षण कार्यक्रम शामिल होंगे. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि अध्ययन दौरे के 15 दिनों के भीतर दल अपनी अंतिम रिपोर्ट सिफारिशों सहित सरकार को प्रस्तुत करेगा. इस पहल को महाराष्ट्र में किसानों को त्वरित भुगतान और पारदर्शी खरीदी प्रणाली लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
