गोंदिया: नवेगांव-नागझिरा में शुरू हुई ‘माधवझरी सफारी’, अब साल के 365 दिन मिलेगा जंगल भ्रमण का रोमांच
Navegaon Nagzira Tiger Reserve: विश्व पर्यावरण दिवस पर नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व में 'माधवझरी सफारी दर्शन' की शुरुआत की गई है, जो साल के 365 दिन पर्यटकों के लिए खुली रहेगी।
- Written By: केतकी मोडक
गोंदिया जिले के पर्यटन समिति अध्यक्ष मंगेश गोंदावले सफारी का उद्घाटन करते हुए (सोर्स - फोटो नवभारत)
Madhavjhari Safari Navegaon Nagzira: विश्व पर्यावरण दिवस के खास मौके पर प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीवों के दीवानों के लिए वन विभाग ने एक बेहद अनोखी और ऐतिहासिक सौगात पेश की है। प्रसिद्ध नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा ‘माधवझरी सफारी दर्शन’ नामक एक बेहद रोमांचक और नई सफारी का आधिकारिक शुभारंभ किया गया है। इस अनूठे पर्यटन प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी और खास विशेषता यह है कि जहां आम तौर पर मानसून या अन्य कारणों से साल के कुछ महीनों में सफारी बंद रहती है, वहीं यह नई ‘माधवझरी सफारी’ अब साल के पूरे 365 दिन पर्यटकों के रोमांच के लिए खुली रहेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के संदेश को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ते हुए इस विशेष पर्यटन उपक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। चुटिया गेट स्थित माधवझरी परिसर में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह के दौरान गोंदिया के जिलाधीश तथा जिला पर्यटन समिति के अध्यक्ष मंगेश गोंदावले के हाथों इस सफारी का विधिवत उद्घाटन किया गया।
पारंपरिक सफारी से बिल्कुल जुदा
प्रशासन के मुताबिक, सामान्य रूप से गाड़ियों में बैठकर किए जाने वाले जंगल भ्रमण की तुलना में यह ‘माधवझरी सफारी’ पर्यटकों को जीवन का एक बिल्कुल अलग और गहरा अनुभव प्रदान करेगी। इस पूरे उपक्रम का मुख्य उद्देश्य सिर्फ गाड़ियों को जंगल में दौड़ाना नहीं, बल्कि इंसानों का प्रकृति और पर्यावरण के साथ एक सीधा और संवेदनशील जुड़ाव स्थापित करना है।
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इस सफारी की एक और अनूठी कड़ी यह है कि भ्रमण के दौरान आने वाले पर्यटक नवेगांव क्षेत्र के गौरवशाली व ऐतिहासिक व्यक्तित्व माधवराव पाटिल डोंगरवार और महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध प्रकृतिप्रेमी व महान साहित्यकार मारुति चितमपल्ली के स्मृति स्थलों का भी प्रत्यक्ष दर्शन कर सकेंगे। इसके माध्यम से पर्यटकों को न केवल जंगल की सैर करने को मिलेगी, बल्कि वे इस पावन क्षेत्र की समृद्ध विरासत और वन्यजीव साहित्य के इतिहास को भी बेहद करीब से समझ सकेंगे।
कोर फॉरेस्ट Area में 1.5 किलोमीटर की पैदल ‘नेचर ट्रेल’
वन विभाग ने इस सफारी में एडवेंचर का तड़का लगाने के लिए एक बहुत ही रोमांचक व्यवस्था की है। इसके तहत पर्यटकों को सिर्फ गाड़ियों में बैठे रहने के बजाय जंगल के अति-संवेदनशील ‘कोर क्षेत्र’ के भीतर 1 से लेकर 1.5 किलोमीटर तक की दूरी पैदल तय करने का मौका मिलेगा, जिसे ‘नेचर ट्रेल’ का नाम दिया गया है। इस पैदल यात्रा के दौरान पर्यटक वहां मौजूद विभिन्न दुर्लभ वनस्पतियों, अद्भुत जैव विविधता, जंगली पेड़-पौधों और प्राकृतिक सौंदर्य को अपने कदमों से चलकर बेहद नजदीक से महसूस कर सकेंगे।
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विशेष ‘माधवझरी मचान’ से दिखेगा खूंखार वन्यजीवों का विहंगम नजारा
सफारी के अनुभव को संपूर्ण बनाने के लिए वन विभाग द्वारा एक विशेष ‘माधवझरी मचान’ का भी निर्माण किया गया है। इस मचान पर चढ़कर पर्यटक घने जंगलों के प्राकृतिक परिदृश्य और वहां स्वच्छंद विचरण करने वाले बाघ, तेंदुए समेत तमाम वन्यजीवों का एक बेहद सुरक्षित और विहंगम नजारा देख सकेंगे।
इस ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह के गौरवशाली अवसर पर नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र निदेशक पीयूषा जगताप, उपनिदेशक प्रीतम सिंह कोडापे, विभागीय वन अधिकारी अतुल देवकर, सहायक वन संरक्षक बालकृष्ण दुर्गे, वन अधिकारी नंदकिशोर काले के साथ-साथ वन्यजीव विशेषज्ञ श्रीनारायण डोंगरवार, नायब तहसीलदार मंगेश खापरडे, वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतिभा रामटेके और राजस्व अधिकारी भगवान नंदागवली समेत वन और राजस्व विभाग के तमाम आला अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
