Gadchiroli ChatGPT Cheating Case प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
AI Misuse in HSC Exams: महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले से तकनीक के दुरुपयोग का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षा जगत को स्तब्ध कर दिया है। जहाँ दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है, वहीं चामोर्शी स्थित एक कनिष्ठ महाविद्यालय में शिक्षकों ने ही ChatGPT के जरिए छात्रों को नकल कराने का ‘जुगाड़’ भिड़ा दिया। 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान हुई इस हाई-टेक चोरी का भंडाफोड़ जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के औचक निरीक्षण में हुआ। इस मामले में संलिप्तता पाए जाने पर तीन शिक्षकों और एक चपरासी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह घटना 18 फरवरी 2026 की है, जब राज्यशास्त्र (Political Science) का पेपर चल रहा था। आरोप है कि परीक्षा शुरू होते ही प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर बाहर भेजी गई, जहाँ AI टूल ChatGPT की मदद से सटीक उत्तर तैयार किए गए। इन उत्तरों के प्रिंटआउट निकालकर उन्हें परीक्षा केंद्र के भीतर पहुँचाने की कोशिश की जा रही थी। गनीमत रही कि समय रहते प्रशासनिक छापेमारी हो गई, जिससे यह सामूहिक नकल की साजिश पूरी तरह सफल नहीं हो सकी।
जिला परिषद के सीईओ सुहास गाड़े जब चामोर्शी के जा. कृ. बोमनवार कनिष्ठ विज्ञान व कला महाविद्यालय पहुँचे, तो उन्हें केंद्र के बाहर संदिग्ध गतिविधियां दिखीं। जांच के दौरान केंद्र के पास से राज्यशास्त्र के पेपर से संबंधित माइक्रो नोट्स और ChatGPT द्वारा तैयार किए गए उत्तरों के ताजे प्रिंटआउट बरामद हुए। जांच में यह तकनीकी रूप से स्पष्ट हो गया कि बाहर बैठे लोग मोबाइल के जरिए प्रश्नपत्र प्राप्त कर रहे थे और AI का इस्तेमाल कर उत्तर कुंजियां तैयार कर रहे थे। इस खुलासे ने परीक्षा केंद्र की सुरक्षा और पर्यवेक्षकों की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत जांच समिति गठित की। समिति की रिपोर्ट में सामूहिक नकल के प्रयास की पुष्टि होते ही प्रभारी गटशिक्षणाधिकारी सुधीर आखाडे ने चामोर्शी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केंद्र प्रमुख, दो अन्य शिक्षकों और एक चपरासी (शिपाई) के खिलाफ धोखाधड़ी और महाराष्ट्र कदाचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। शिक्षा विभाग ने इन चारों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अब उन मोबाइल उपकरणों की तलाश कर रही है जिनसे प्रश्नपत्र बाहर भेजा गया था।
इस घटना के बाद गड़चिरोली समेत पूरे राज्य के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने और मोबाइल प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने की आवश्यकता है ताकि AI जैसे उपकरणों का गलत इस्तेमाल न हो सके। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर अब अतिरिक्त फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि परीक्षा की शुचिता भंग करने वाले किसी भी कर्मचारी या छात्र को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।