गड़चिरोली में नर्स बनी जीवनरक्षक, संकट की घड़ी में दिखाया साहस, सीपीआर देकर बचाई प्रसूता

Gadchiroli Staff Nurse: गड़चिरोली के देसाईगंज ग्रामीण अस्पताल में प्रसव के बाद कार्डियक अरेस्ट की शिकार महिला की जान स्टाफ नर्स ने समय रहते सीपीआर देकर बचा ली। स्वास्थ्य विभाग ने उनके कार्य की सराहना
Nurse becomes lifesaver in Gadchiroli; displays courage in a crisis and saves a woman in labor by administering CPR.
गड़चिरोली में नर्स बनी जीवनरक्षक (सोर्स: सौजन्य AI)
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Gadchiroli Health Healthcare Hero: गड़चिरोली देसाईगंज ग्रामीण अस्पताल में एक प्रसूता को प्रसव के बाद अचानक कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकने) की गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा। ऐसे संकटपूर्ण समय में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स कविता ने अद्भुत सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देकर महिला की जान बचा ली।

इस साहसिक कार्य के कारण जिले में संभावित मातृ मृत्यु की एक बड़ी घटना टल गई है और स्वास्थ्य विभाग में नर्स की सराहना की जा रही है। ग्रामीण अस्पताल वडसा में पहले सिजेरियन ऑपरेशन (एलएससीएस) की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाड़े के मार्गदर्शन तथा नियोजन के तहत डॉ. हीना की नियुक्ति के बाद यहां सिजेरियन सेवाएं शुरू हुई। वर्तमान में अस्पताल में प्रतिमाह 5 से 10 सिजेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।

कुछ दिन पहले डॉ. हीना ने एक गर्भवती महिला का सफल सिजेरियन ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के पांचवें दिन महिला को अचानक तेज झटके (कन्वल्शन) आने लगे और कुछ ही समय बाद उसकी सांसें तथा हृदय की धड़कनें बंद हो गई।

इस अत्यंत गंभीर परिस्थिति में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स कविता ने बिना समय गंवाए मरीज को सीपीआर देना शुरू किया। प्रतिष्ठित कार्डियक अस्पताल में कार्य करने के पूर्व अनुभव और प्रशिक्षण का लाभउठाते हुए उन्होंने पूरी कुशलता और

आत्मविश्वास के साथ मरीज का पुनर्जीवन किया। फिलहाल संबंधित महिला की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और जिला अस्पताल गड़चिरोली में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

समर्पित कार्यों से विश्वास होता है मजबूत : डॉ लहाडे

इस उल्लेखनीय कार्य की सराहना करते हुए जिला शल्य चिकित्सक डॉ .वर्षा लहाड़े ने कहा कि वडसा ग्रामीण अस्पताल में डॉ .हीना की नियुक्ति से सिजेरियन सेवा शुरू करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। वहीं स्टाफ नर्स कविता ने संकट की घड़ी में जिस प्रकार प्रशिक्षण, साहस और तत्परता का परिचय दिया, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। उनके प्रयासों से जिले में एक मातृ मृत्यु टल गई। उन्होंने ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ .मिसार, डॉ .हीना तथा विशेष रूप से स्टाफ नर्स कविता को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों के कारण ही सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होता है।

समय पर उपचार से बची जान

नर्स कविता ने अकेले ही लगातार प्रयास कर मरीज की स्थिति को नियंत्रित किया और उसे पुनर्जीवित करने में सफलता प्राप्त की। मरीज की स्थित्ति स्थिर होने के बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मिसार तथा डॉ. हीना की देखरेख में उसे आगे के उपचार के लिए तत्काल जिला अस्पताल गड़चिरोली रेफर किया गया।

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