गड़चिरोली में महिला आयोग की जनसुनवाई, एक ही दिन में 44 मामलों पर कार्रवाई, 5000 मामले अब तक हल।

Gadchiroli News: गड़चिरोली में महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने 44 शिकायतों का निपटारा किया। 'आयोग आपके द्वार' अभियान के तहत अब तक राज्य में 5,000 मामलों का सफल निराकरण किया जा चुका है।
Maharashtra Women Commission Chief Rupali Chakankar resolved 44 complaints in Gadchiroli, ensuring local justice. Over 5,000 cases have been settled statewide through 'Aayog Aapke Dwar'
गड़चिरोली 'महिला आयोग (सौजन्य-नवभारत)
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Maharashtra Women Commission News: गड़चिरोली 'महिला आयोग आपके द्वार' उपक्रम अंतर्गत राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर की अध्यक्षता में शुक्रवार को जनसुनवाई में प्राप्त सभी 44 शिकायतों पर कार्रवाई की गई, महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए राज्य महिला आयोग कटिबद्ध होने की बात आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने कही है।

जिलाधीश कार्यालय के नियोजन भवन में आयोजित जनसुनवाई में आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवडे, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, अपर पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, अतिरिक्त जिलाधीश संजय आसवले, जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव अ.पू. खानोलकर, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (महिला व बालकल्याण) दीपक बानाईत, नगराध्यक्ष प्रणोती निंभोरकर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

अपने मार्गदर्शन में चाकणकर ने कहा कि महिलाओं को न्याय पाने के लिए मुंबई के चक्कर काटने न पड़े, स्थानीय स्तर पर ही शिकायतों कानिराकरण हो, इस उद्देश्य से आयोग स्वयं जिले में पहुंचकर सुनवाई ले रहा है। संपूर्ण राज्य में अब तक 5 हजार मामले जनसुनवाई के माध्यम से हल किए जाने की जानकारी उन्होंने दी।

4 स्वतंत्र पैनल किए थे तैयार

शुक्रवार को हुई जनसुनवाई में कुल 44 शिकायतों पर कार्रवाई की गई। इसमें पारिवारिक समस्या 22, सामाजिक समस्या 2, आर्थिक समस्या 3 और अन्य 14 शिकायतों का समावेश था। जनसुनाई में प्राप्त शिकायतों का तत्काल और प्रभावी निपटारा हो, इसलिए चार स्वतंत्र पॅनल तैयार किये गये थे। प्रत्येक पैनल में संबंधित विभागों के अधिकारी, कानून विषय के विशेषज्ञ व गड़चिरोली पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। सभी संबंधित प्राधिकरण एक ही जगह पर उपस्थित होने के कारण अनेक मामलों का जगह पर ही निपटारा किया गया।

आपातकालीन मदद के लिए टोल-फ्री नंबर

महिलाओं को किसी भी तरह की अड़चन निर्माण होने पर टोल फ्री क्रमांक 1091 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा, वन स्टॉप सेंटर, भरोसा सेल व दामिनी पथक के माध्यम से शिकायत दर्ज करें। शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी, ऐसी बात अध्यक्ष चाकणकर ने कही।

गर्भपात न कराने वाले दंपति ही असली अमीर

  • दहेज प्रताड़ना प्रतिबंधक कानून अस्तित्व में होते हुए भी बेटियों का छल होना यह दुर्दैवी है। दहेज लेने वाला और देने वाला दोनों अपराधी है।
  • बेटियों को अच्छी शिक्षा देकर उनके कर्तव्य अनुसार विवाह कराएं। वहीं बाल विवाह रोकने के लिए अभिभावक सतर्क रहें।
  • आदिवासी परिसर में गर्भपात का प्रमाण अत्यल्प होकर गर्भ को न मारने वाले ही श्रीमंत होने की बात उन्होंने कही।
  • इस समय आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवडे, जिप के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुहास गाडे, विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव खानोरकर, अतिरिक्त जिलाधिकारी संजय आसवले ने भी अपना मत रखा।
  • अब तक 5,000 मामलों का निराकरण
  • 22 पारिवारिक मामलों पर कार्रवाई
  • 2 सामाजिक मामले निपटाए
  • 3 आर्थिक मामले हल किए
  • 14 अन्य शिकायतों को निपटाया
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