राष्ट्रपति ने गड़चिरोली कलेक्टर को किया सम्मानित, आदि कर्मयोगी अभियान के लिए को मिला पुरस्कार
Gadchiroli Collector Honored: गड़चिरोली कलेक्टर अविश्यांत पंडा को आदि कर्मयोगी अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। 553 सेवा केंद्र और 53 हजार नाग
- Written By: आकाश मसने
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पुरस्कार प्राप्त करते गड़चिरोली कलेक्टर अविश्यांत पंडा (सोर्स: सोाशल मीडिया)
President Draupadi Murmu honored Gadchiroli Collector Avishyant Panda: आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य करने के चलते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों गड़चिरोली कलेक्टर अविश्यांत पंडा को शुक्रवार को उत्कृष्ट सार्वजनिक प्रशासन के लिए पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति भवन दिल्ली में आयोजित समारोह में गड़चिरोली के जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने प्रतिष्ठा का पुरस्कार स्वीकार किया। जिले में 38 प्रतिशत जनसंख्या आदिवासी है। परिसर में माडिया गोंड तथा कोलाम जैसे विशेषतः दुर्बल आदिवासी जनजाति निवासरत है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पालकमंत्री असलेल्या गडचिरोली जिल्हा प्रशासनाची अभूतपूर्व कामगिरी ! मा. राष्ट्रपती श्रीमती द्रौपदी मुर्मू यांच्या हस्ते आज गडचिरोली जिल्ह्याचे जिल्हाधिकारी अविश्यांत पंडा यांनी राष्ट्रपती भवन, नवी दिल्ली येथे आदी कर्मयोगी अभियानांतर्गत ‘उत्कृष्ट… pic.twitter.com/182apJEN8T — CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) October 17, 2025
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70 प्रतिशत से अधिक वनक्षेत्र तथा विरल बस्ती के कारण यहां पहुंचना एक आह्वान होता है। इस आह्वान पर मात करने के लिए ‘आदि कर्मयोगी अभियान-प्रतिसाद देने वाले प्रशासन कार्यक्रम’ चलाया गया। इस माध्यम से अंतिम छोर के नागरिकों को विकास के मुख्य प्रवाह में लोन के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाएं गए।
गड़चिरोली में 553 आदि सेवा केंद्र स्थापित
गड़चिरोली जिले में 553 आदि सेवा केंद्र स्थापित किए गए। वहीं करीब 53 हजार नागरिकों का प्रभावी एकत्रीकरण किया। 553 ग्राम सभाओं का आयोजन कर प्रत्येक गांव का ग्राम कृति प्रारूप तैयार किया गया। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका तथा बुनियादी सुविधाएं आदि जरूरतों का समावेश है।
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सामुदायिक वन हक कानून के तहत ग्रामसभाओं को 5.12 लाख हेक्टेयर से अधिक वनजमीन प्रबंधन के लिए सौंपी गई है। वहीं 497 ग्राम सभाओं की मनरेगा अंतर्गत प्रकल्प अमल संस्था के रूप में पंजीयन किया गया है। इन योजनाओं के प्रभावी अमल निश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने 17 विभिन्न विभागों से प्रभावी समन्वय तथा एकत्रिकरण किया।
इस जनकल्याणकारी व परिणामकारक प्रशासकीय मॉडल के कारण जिले को पुरस्कृत किया गया है। राज्य से केवल जिले का इसके लिए चयन हुआ है। जिलाधिकारी पंडा ने इस मॉडल का सरकार की ओर सफल प्रस्तुतिकरण किया था।
