आदमखोर तेंदुआ आखिरकार हुआ कैद, 3 महिलाओं को उतारा था मौत के घाट, लोगों ने ली राहत की सांस

Forest Department Action: देऊलगांव-इंजेवारी में दहशत फैलाने वाला आदमखोर तेंदुआ आखिरकार कैद। एक माह में तीन महिलाओं की मौत से भयभीत गांवों में आंदोलन और वनविभाग पर सवाल।
Forest Department Action: देऊलगांव-इंजेवारी में दहशत फैलाने वाला आदमखोर तेंदुआ आखिरकार कैद। एक माह में तीन महिलाओं की मौत से भयभीत गांवों में आंदोलन और वनविभाग पर सवाल।
तेंदुआ कैद (सौजन्य-नवभारत)
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Leopard Captured: इंजेवारी और देऊलगांव परिसर में तेंदुए की दहशत काफी बढ़ गयी थी। वहीं एक माह की अविध में तेंदुए के हमले में तीन महिलाओं की मृत्यु होने से भयभीत हुए किसान और मजदूर खेतों पर जाना छोड़ दिया था। वहीं तेंदुए को पकड़ने की मांग निरंतर की जा रही थी।

इसी बीच मुख्य वन्यजीव रक्षक तथा प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (वन्यजीव) नागपुर द्वारा आदमखोर तेंदुए को पकड़ने का आदेश दिया गया। जिसके बाद वडसा वनविभाग के उपवनसंरक्षक वरुण बी. आर., सहायक वनसंरक्षक आर. एस. सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में आरमोरी के वनपरिक्षेत्राधिकारी प्रवीण आर. बडोले के नेतृत्व में तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की गई थी।

सर्वदलीयों ने किया था आंदोलन

आरमोरी तहसील के देऊलगांव और इंजेवारी परिसर में तेंदुए द्वारा लगातार हमले करने और दहशत निर्माण होने से परिसर के नागरिक पूरी तरह भयभित हो गये थे। अनेकों ने खेती कार्य करना छोड़ दिया था। जिसके कारण किसान व मजदूरों के सामने जीवनयापन की समस्या निर्माण हो गयी थी। लेकिन दूसरी ओर वनविभाग द्वारा किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं किये जाने से क्षेत्र के नागरिकों में तीव्र रोष व्याप्त था। इसी बीच हाल ही में आरमोरी विस क्षेत्र के विधायक रामदास मसराम के नेतृत्व में सर्वदलीय नेताओं ने देऊलगांव में चक्काजाम आंदोलन कर वनविभाग का और प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया था।

विहीरगांव जंगल में मृत अवस्था में मिला बाघ

आरमोरी वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले विहीरगांव के जंगल परिसर में तीन दिन पहले एक वयस्क बाघ का शव काफी विकृत अवस्था में मिला है। जिससे वडसा वनविभाग में वन्यजीवों की सुरक्षा संदर्भ में प्रश्न निर्माण हो गया है। लेकिन अब तक बाघ के मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। विहीरगांव के जंगल में बाघ मृत अवस्था में मिलने की जानकारी ग्रामीणों ने वनकर्मचारियों को दी।

जिसके बाद वडसा वनविभाग के उपवनसंरक्षक वरूण बी. आर., सहायक वनसंरक्षक आरएस सूर्यवंशी, वनपरिक्षेत्राधिकारी प्रवीण बडोले आदि घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु का कारण सामने आएगा, ऐसी जानकारी वनाधिकारियों ने दी है। लेकिन वडसा वनविभाग में इससे पहले भी दो तेंदुए मृत अवस्था में मिले है।

वहीं अब आरमोरी तहसील के जंगल में बाघ मृत अवस्था में मिलने से वन्यजीव प्रेमियों में चिंता व्यक्त की जा रही है। इधर पोस्टमार्टम के लिए पशुसंवर्धन विभाग के सहायक आयुक्त डा. दीपा ढवंडे, डा. अभिषेक सोनटक्के, डा. मृणाल टोंगे, मानद वन्यजीव रक्षक मिलिंद उमरे और वृक्षवल्ली वन्यजीव संरक्षण संस्था के अध्यक्ष देवानंद दुमाने उपस्थित थे।

बाघ के भीषण हमले में 2 बैलों की मौत

बल्लारपुर तालुका के कोठारी गांव से एक किलोमीटर दूर एक खेत में अरुण विरुतकर (कोठारी के दो बैलों को बाघ ने मार डाला। इससे स्थानीय किसानों और निवासियों में दहशत फैल गई है यह घटना गुरुवार की सुबह के आसपास हुई। कोठारी गांव के निवासी और दूसरे किसान भी इस घटना से परेशान है और वनविभाग से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

यह घटना जंगली जानवरों औन जानवरों और इंसानी आबादी के बीच बढ़ते टकराव को साफ दिखाती है, स्थानीय निवासियों औन जानवरों की सुरक्षा करना जरूरी है। हाल के दिनों में बाघों की संख्या बढ़ने से स्थानीय खेती औन पशुपालन पर दबाव पड़ा है।

इस घटना के बारे में अरुण विरुटकर ने कहा, 'मेरे दो बैल सुबह के आसपास खेत में बंधे हुए थे, तभी अचानक एक बाध आया और उन पर हमला कर दिया। और बैला को मौके पर ही मार डाला, यह घटना मेरे लिए बहुत दुखद और चौंकाने वाली है, अब मेरे पास खेत जोतने के लिए बैल नहीं है, इसलिए इसका असर मेरी खेती और आय पर पड़ेगा।

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