नासिक में कोयता गैंग का आतंक, पुलिस का 'कायद्याचा बालेकिल्ला' अभियान सवालों में; अपराधियों के हौसले बुलंद

Nashik Crime Surge: नासिक में पुलिस का 'कायद्याचा बालेकिल्ला' अभियान कमजोर पड़ता दिख रहा है। कोयता गैंग के हमले, छेड़खानी और लूट की घटनाओं से शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं।
Reign of Terror by 'Koyta Gang' in Nashik; Police's 'Kaydyacha Balekilla' Campaign Under Scrutiny—Criminals' Audacity Soars.
Nashik koyta Gang Attacks ( सोर्स:सोशल मीडिया )
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Nashik koyta Gang Attacks: नासिक सितंबर 2025 में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए शुरू किया गया पुलिस का 'कायद्याचा बालेकिल्ला' अभियान अब पूरी तरह विफल होता नजर आ रहा है। शहर में बढ़ते कोयता गिरोह के हमलों और सरेराह होने वाली छेड़खानी ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है।

वारदातों का सिलसिलाः बेखौफ हुए अपराधी शहर के अलग-अलग इलाकों में पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं ने नागरिकों को हिलाकर रख दिया है। पंचवटी क्षेत्र में 'काळ्या कोयत्या' उर्फ विक्की जाधव और सौरभ उर्फ 'सैमसंग' पोतदार ने गोदावरी तट पर दुर्गेश वाघमारे को कोयता दिखाकर लूटा और उसको मोपेड छीनकर फरार हो गए।

गडकरी सिग्नल जैसे व्यस्त इलाके में सनी जेजुरकर नामक युवक ने एक युवती का रास्ता रोककर शादी न करने पर चेहरे पर एसिड फेंकने की खौफनाक धमकी दी।

इस घटना से छात्राओं और कामकाजी महिलाओं में भारी असुरक्षा व्याप्त है। हीरावाड़ी रोड पर एक झगड़ा सुलझाने गई अर्चना बागुल नामक महिला पर प्रफुल्ल और शिवाजी भगत ने जानलेवा हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। वहीं भद्रकाली में शोएब शेख नामक युवक ने एक परिवार पर पथराव कर आतंक मचाया।

पुलिस प्रशासन की रणनीति पर उठ रहे सवाल

प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे स्टॉप एंड सर्व अभियान की आलोचना अब आम जनता भी करने लगी है। पुलिस नाकाबंदी के दौरान अपराधियों को पकड़ने के बजाय ऑफिस से घर लौट रहे कर्मचारियों और परिवार के साथ जा रहे नागरिकों को रोककर कागजी खानापूर्ति कर रही है।

शहर के कई खुले मैदान रात के समय 'ओपन बार में तब्दील हो जाते जहाँ असामाजिक तत्व शराब पीकर राहगीरों को परेशान करते हैं, लेकिन पुलिस की टीमें वहीं कार्रवाई करने से बचती नजर आ रही है।

अपराधी पुलिस की नाकाबंदी देखकर गलियों से रास्ता बदल लेते हैं, जबकि पुलिस केवल मुख्य सड़कों पर खड़े होकर आम आदमी को परेशान करने तक सीमित है।

अपराधियों ने दी वर्दी को सीधी चुनौती

प्रभावित क्षेत्रः पंचवटी, हीरावाड़ी, भद्रकाली, गडकरी सिग्नल।

अपराध के प्रकारः कोयता हमला, एसिड धमकी, लूटपाट, सरेराह तोड़फोड़।

मुख्य अपराधीः विवकी जाधव, सैमसंग पोतदार, सनी जेजुरकर।

पुलिस अभियान की स्थितिः 'स्टॉप एंड सर्च' अभियान प्रभावी होने के बजाय विवादों में।

नागरिकों की मांगः अपराधियों के खिलाफ 'ऑपरेशन थिएटर' स्टाइल में कड़ी और निर्णायक कार्रवाई।

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