Nagpur Winter Session: किसानों के MSP पर सदन में महासंग्राम, विपक्ष का वॉकआउट, बैकफुट पर सरकार

Maharashtra Winter Session: विधानसभा में किसानों के MSP पर विपक्ष का वॉकआउट, सरकार बैकफुट पर। उद्धव ठाकरे के आरोपों से सदन में गहमागहमी, कपास- सोयाबीन खरीद पर विवाद तेज।
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नागपुर अधिवेशन (डिजाइन फोटो)
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Uddhav Thackeray Remarks: किसानों के मुद्दों पर एक ओर जहां विपक्ष पूरी तरह से आक्रामक दिखाई दे रहा है वहीं सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। गुरुवार को विधान भवन परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि किसानों के लिए घोषित पैकेज बूंद-बूंद सिंचाई जैसा हो गया है।

इसके अलावा प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में सरकार को आड़े हाथों लिया। सरकार की ओर से एमएसपी समेत अन्य मुद्दों पर दिए। गए जवाबों पर असंतुष्टि जताते हुए विपक्ष ने सरकार विरोधी नारे लगाए और सदन से बहिर्गमन कर दिया।

आरोप और दावा

पणन मंत्री रावल ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि कपास और सोयाबीन खरीदी केंद्र पर्याप्त संख्या में हैं और खरीदी एमएसपी पर की जा रही है। विपक्ष ने इस दावे को ठुकरा दिया। इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहमागहमी देखने को मिली। इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया।

  • 45.42 लाख हे. कृषि भूमि का नुकसान
  • 75.42 लाख है. जमीन खेती योग्य नहीं बची
  • 264 लोगों की मृत्यु हुई
  • 700 पशु बाढ़ में बह गए

चेंबर में बैठक पर राजी नहीं हुआ विपक्ष

  • 28 मिनट तक चर्चा होने के बावजूद जब सदस्यों को समाधान नहीं मिला, तो विधानसभा अध्यक्ष ने दोपहर में अपने चैबर में बैठक बुलाकर समाधान करने का आश्वासन दिया।
  • अध्यक्ष ने यह भी गारंटी दी कि चैंबर में हुई चर्चा को रिकॉर्ड पर लिया जाएगा और मंत्रियों को भी बुलाया आएगा। हालांकि विपक्ष ने चैंबर में बैठक बुलाने का विरोध किया।
  • विपक्ष का आग्रह था कि किसानों के मुद्दे पर जवाब सदन के भीतर ही दिया जाना चाहिए क्योंकि ये चाहते थे कि अधिक से अधिक सदस्यों को बोलने का मौका मिले।
  • मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया और भरोसा दिया कि चैंबर में विस्तृत चर्चा होगी और वहीं निर्णय लिया जाएगा। इसके बावजूद विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ।

सरकार का स्पष्टीकरण

सोयाबीन खरीद की योजना केंद्र सरकार की है, कपास खरीद के लिए 156 केंद्र सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। पिछले सत्र में 107.14 लाख क्विंटल कपास खरीदी गई थी और बारदाने की कोई कमी नहीं है, कृषि उत्पादन बाजार समिति (कृउबा) के गोदामों का भी उपयोग किया जा रहा है।

मंत्रियों की अनुपस्थिति और नीतिगत मांगें

जाधव ने प्राकृतिक आपदा जैसे गंभीर विषय पर सदन में कृषि, मत्स्य पालन, दुग्ध, राजस्व और बागवानी जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्रियों की अनुपस्थिति पर भी तीव्र नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विषय गंभीर, परिस्थिति गंभीर, प्रस्ताव गंभीर होने के बावजूद कृषि मंत्री, मत्स्य मंत्री, दुग्ध, महसूल, फलोत्पादन मंत्रियों की अनुपस्थिति गंभीर है।

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