गड़चिरोली खोब्रामेंढा हनुमान मंदिर (फोटो नवभारत)
Gadchiroli Khobramendha Hanuman Temple News: महाराष्ट्र का गड़चिरोली जिला अपनी प्राकृतिक संपदा और घने जंगलों के लिए विश्व विख्यात है। प्रकृति की इसी अनमोल कारीगरी के बीच बसा है कुरखेड़ा तहसील का ‘खोब्रामेंढा’ तीर्थ स्थल। पहाड़ों से घिरे इस पावन स्थल पर पवनपुत्र हनुमान का एक ऐसा मंदिर है, जिसे स्थानीय लोग अत्यंत ‘जागृत’ मानते हैं। यहाँ न केवल श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है, बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
कुरखेड़ा तहसील के मालेवाड़ा से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खोब्रामेंढा अपनी भौगोलिक बनावट के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह मंदिर तीन ओर से ऊंची पहाड़ियों से घिरा हुआ है। पहाड़ की तलहटी में विराजे हनुमान जी के दर्शन करने के बाद भक्त ऊपर पहाड़ी की चोटी पर भी जाते हैं। पहाड़ी के शीर्ष पर शिवलिंग और नागदेवता की प्राचीन मूर्तियां स्थापित हैं, जहाँ पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।
यूँ तो यहाँ साल भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि यहाँ मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। मन्नत पूरी होने की खुशी में कई श्रद्धालु यहाँ सामूहिक भोज (भंडारा) का आयोजन भी करते हैं।
खोब्रामेंढा में महाशिवरात्रि और हनुमान जयंती के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन होता है। इन विशेष दिनों में गड़चिरोली के साथ-साथ पड़ोसी जिलों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। हनुमान जयंती पर महाप्रसाद का वितरण किया जाता है, जिसमें भक्तों का उत्साह देखने लायक होता है।
इतनी लोकप्रियता के बावजूद, खोब्रामेंढा प्रशासन की उदासीनता का शिकार है। यहाँ आने वाले पर्यटकों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। सबसे बड़ी समस्या पहाड़ी पर चढ़ने के लिए व्यवस्थित रास्ते या सीढ़ियों का न होना है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि प्रशासन यहाँ बुनियादी ढांचा और पर्यटन सुविधाएं विकसित करे, तो यह स्थल जिले के मुख्य पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशेष पहचान बना सकता है।