Gadchiroli ZP News: कुरखेड़ा पंस के सहायक गुटविकास अधिकारी डीबी उराडे के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर जिले के ग्रापं अधिकारियों ने 23 फरवरी से असहयोग आंदोलन किया था।
जिससे ग्रापं का कामकाज कुछ हद तक प्रभावित हो गया। इस मामले का संज्ञान लेकर जिप के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुहास गाडे ने आंदोलन में शामिल हुए सभी ग्रामसेवकों का काम नहीं तो वेतन नहीं इस तत्व अनुसार वेतन न निकालने का आदेश जिले के सभी पंस के गुटविकास अधिकारियों को दिया है।
ग्रापं अंतर्गत केवल बुनियादी सुविधा मुहैया कराने वाले कार्य किए जाएंगे, ऐसी बात ग्रापं अधिकारियों ने आंदोलन के दौरान कही थी। इसमें मासिक सभा, वरिष्ठ अधिकारियों की सभा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी के सभा में उपस्थित न रहने का निर्णय ग्रापं अधिकारियों ने लिया था।
जिससे जिले के अनेक ग्रापं का कामकाज प्रभावित हो गया था। जिसका खामियाजा नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सीईओ सुहास गाडे ने कामबंद आंदोलन में शामिल हुए ग्रापं अधिकारियों का वेतन काम नहीं तो वेतन नहीं इस तत्व पर न निकालने का आदेश सभी पंस के संवर्ग विकास अधिकारियों को दिया है।
जिससे अब ग्रापं अधिकारियों के सामने समस्या निर्माण हो गई है। आंदोलन में 400 ग्रापं अधिकारी शामिलअसहकार आंदोलन करने वाले जिले की बारह पंचायत समिति अंतर्गत 400 से अधिक ग्रापं अधिकारियों का वेतन न निकालने का आदेश मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने दिया है।
जानकारी के अनुसार 31 मार्च को ग्रापं अधिकारी संगठन के पदाधिकारियों ने सीईओ गाडे की भेंट लेकर काम नहीं तो वेतन नहीं आदेश पर चर्चा कर वेतन अदा करने की मांग की। जिससे जिप के सीईओ क्या निर्णय लेंगे, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
आदेश के बाद वेतन पत्रक नहीं भेजा गयावेतन अदा करने के लिए वेतन पत्रक तैयार किया गया था। लेकिन मुख्य कार्यपालन अधिकारी का आदेश प्राप्त होने से वेतन अदा करने के लिए वेतन पत्रक वरिष्ठ कार्यालय में पेश नहीं किया गया।