गड़चिरोली का बदलता चेहरा, ग्रामीणों ने सौंपी 26 भरमार बंदुकें और बैरल, पुलिस पर बढ़ा विश्वास
Gadchiroli Villagers Surrender Guns: गड़चिरोली के ग्रामीणों ने पुलिस की अपील पर 26 भरमार बंदूकें और 11 बैरल सौंपे। 5 साल में कोई युवक नक्सल आंदोलन में शामिल नहीं हुआ।
- Written By: प्रिया जैस
ग्रामीणों ने सौंपे हुए हथियार (सौजन्य-नवभारत)
Gadchiroli News: गड़चिरोली, यह जिला पूरी तरह जंगल से घिरा होकर इस जिले के दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्र के नागरिक अपने पारंपारिक खेती व्यवसाय के साथ ही शिकार कर जीवनयापन करते हैं। शिकार करने और वन्यजीवों से स्वयं की रक्षा करने के लिये अनेक नागरिक भरमार बंदुक अपने पास रखते हैं। विशेषत: पूर्वजों के बंदुक और शस्त्र जिले के अनेक नागरिकों के पास उपलब्ध है।
लेकिन दूसरी ओर जिले के दुर्गम-अतिदुर्गम परिसर में नक्सली इसी बात का लाभ उठाते हुए आम नागरिकों को नक्सल आंदोलन में शामिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में जिला पुलिस अधिक्षक नीलोत्पल ने जिले के नागरिकों से अपने पास के भरमार बंदुक पुलिस के हवाले करने की अपिल की थी।
पुलिस के हवाले किए हथियार
जिला पुलिस दल की अपिल को सकारात्मक प्रतिसाद देते हुए जिले की एटापल्ली तहसील अंतर्गत आनेवाले वांगेतुरी पुलिस सहायता केंद्र के हिंदुर, नैनवाडी, तोडगट्टा इन दुर्गम-अतिदुर्गम के नागरिकों ने अपने पास के 26 भरमार बंदुक और 11 नग बंदुक के बॅरल वांगेतुरी पुलिस थाने में जमा किये हैं।
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हेडरी के उपविभागीय पुलिस अधिकारी योगेश रांजणकर के नेतृत्व में वांगेतुरी पुलिस सहायता केंद्र के प्रभारी अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक दिलीप खडतरे, पुलिस उपनिरीक्षक सादुलवार, पुलिस उपनिरीक्षक काले समेत पुलिस कर्मी और सीआरपीएफ के अधिकारी व जवानों द्वारा चलाए गए नागरीकृती उपक्रम से वांगेतुरी परिसर के नागरिक नक्सलियों के भय को दूर रख मुख प्रवाह में शामिल होते दिखाई दे रहे हैं।
5 वर्ष में 1 भी युवक नहीं हुआ शामिल
एक तरफ जिला पुलिस दल द्वारा नक्सल आंदोलन के खिलाफ ताबडतोड कार्रवाईयां कर नक्सल आंदोलन की कमर तोड़ दी है। वहीं दूसरी ओर विभिन्न उपक्रम चलाकर जिले के दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्र के नागरिकों को विकास की मुख्यधारा में लाने का काम किया गया है। जिससे इन क्षेत्र के नागरिकों का जिला पुलिस दल पर विश्वास बढकर नागरिक भी अब दहशतमुक्त वातावरण में जीवनयापन करना पसंद कर रहे है। यही कारण है कि, पिछले 5 वर्षो की कालावधि में जिले का एक भी युवक नक्सल आंदोलन में शामिल नहीं हुआ है। विशेषत: वर्तमान स्थिति में जिले में गिने-चुने नक्सली शेष है।
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2022 से अब तक 365 बंदुक जमा
जिला पुलिस दल की अपिल को सकारात्मक प्रतिसाद देते हुए वर्ष 2022 में कुल 73, 2023 में 46, सन 2024 में 26 और 2025 में अब तक कुल 29 भरमार बंदूक और 12 बंदुक के बॅरल जिले के नागरिकों ने जिला पुलिस दल के हवाले किये है। विशेषत: पिछले तीन वर्षो की कालावधि में सर्वाधिक भरमार बंदुके पुलिस के हवाले किये गये। वहीं जिले के नागरिकों ने अब तक 365 भरमार बंदुक पुलिस के हवाले करने की जानकारी मिली है। अपने पास के भरमार बंदुक पुलिस के हवाले करने पर जिला पुलिस अधिक्षक नीलोत्पल ने नागरिकों का आभार माना है।
