नागपुर का मुस्लिम समुदाय किसके साथ? ‘महायुति’ या ‘MVA’, किसे मिलेगा ‘मोमिनपुरा’ का साथ- VIDEO
Nagpur: नागपुर में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी तापमान चरम पर है। मतदान से कुछ दिन पहले नवभारत लाइव की टीम नागपुर के मुस्लिम बहुल इलाके मोमिनपुरा पहुंची, जहां मतदाताओं की राय बंटी हुई नज़र आई।
- Written By: मनोज आर्या
Nagpur Municipal Elections: नागपुर में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी तापमान चरम पर है। मतदान से कुछ दिन पहले नवभारत लाइव की टीम नागपुर के मुस्लिम बहुल इलाके मोमिनपुरा पहुंची, जहां मतदाताओं की राय बंटी हुई नज़र आई। बातचीत के दौरान लोगों ने सड़क, गटर लाइन, साफ-सफाई, ट्रैफिक और मेडिकल सुविधाओं को लेकर नाराज़गी भी जताई और कुछ विकास कार्यों की सराहना भी की। कई स्थानीय लोगों ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि सीमेंट रोड बार-बार खोदी जाती है और काम योजनाबद्ध तरीके से नहीं होता। वहीं कुछ मतदाताओं का कहना था कि मौजूदा सरकार ने गटर लाइन, नल कनेक्शन और सड़क जैसे बुनियादी काम किए हैं, इसलिए इस बार “कमल” को समर्थन मिल सकता है। कांग्रेस को लेकर राय मिली-जुली दिखी। कुछ लोगों ने कहा कि लंबे समय से इलाके में कांग्रेस का वर्चस्व रहा है, लेकिन पिछली बार चुने गए प्रतिनिधियों ने उम्मीद के मुताबिक काम नहीं किया। वहीं कई मतदाता ऐसे भी मिले जो पार्टी से ज्यादा उम्मीदवार के काम और व्यवहार को प्राथमिकता दे रहे हैं।
Nagpur Municipal Elections: नागपुर में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी तापमान चरम पर है। मतदान से कुछ दिन पहले नवभारत लाइव की टीम नागपुर के मुस्लिम बहुल इलाके मोमिनपुरा पहुंची, जहां मतदाताओं की राय बंटी हुई नज़र आई। बातचीत के दौरान लोगों ने सड़क, गटर लाइन, साफ-सफाई, ट्रैफिक और मेडिकल सुविधाओं को लेकर नाराज़गी भी जताई और कुछ विकास कार्यों की सराहना भी की। कई स्थानीय लोगों ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि सीमेंट रोड बार-बार खोदी जाती है और काम योजनाबद्ध तरीके से नहीं होता। वहीं कुछ मतदाताओं का कहना था कि मौजूदा सरकार ने गटर लाइन, नल कनेक्शन और सड़क जैसे बुनियादी काम किए हैं, इसलिए इस बार “कमल” को समर्थन मिल सकता है। कांग्रेस को लेकर राय मिली-जुली दिखी। कुछ लोगों ने कहा कि लंबे समय से इलाके में कांग्रेस का वर्चस्व रहा है, लेकिन पिछली बार चुने गए प्रतिनिधियों ने उम्मीद के मुताबिक काम नहीं किया। वहीं कई मतदाता ऐसे भी मिले जो पार्टी से ज्यादा उम्मीदवार के काम और व्यवहार को प्राथमिकता दे रहे हैं।
