Gadchiroli Students ISRO Tour (सोर्सः सोशल मीडिया)
Zilla Parishad Gadchiroli Education Initiative: ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान की प्रत्यक्ष जानकारी देने के उद्देश्य से जिला परिषद गड़चिरोली द्वारा आयोजित शैक्षणिक भ्रमण के तहत जिले के 50 मेधावी विद्यार्थियों और 10 अधिकारी-कर्मचारियों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) के बेंगलुरु स्थित केंद्र का दौरा किया।
इस शैक्षणिक यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों को भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र में हुई प्रगति की जानकारी करीब से मिली। दौरे के दौरान इसरो के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संस्था की कार्यप्रणाली, भारत के प्रमुख अंतरिक्ष अभियानों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विशेष रूप से चंद्रयान-3 मिशन की सफलता और आगामी चंद्रयान-4 मिशन की योजना के बारे में बताया गया। साथ ही भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के बारे में भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को उपग्रह निर्माण की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। उपग्रह की संरचना किस प्रकार तैयार की जाती है, उसमें विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सेंसर, संचार प्रणाली और सोलर पैनल कैसे लगाए जाते हैं, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके बाद उपग्रह की असेंबली प्रक्रिया तथा अंतरिक्ष की कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए किए जाने वाले वाइब्रेशन टेस्ट, थर्मल टेस्ट और वैक्यूम टेस्ट जैसी तकनीकी जांचों के बारे में भी बताया गया। साथ ही विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि उपग्रह को रॉकेट में स्थापित कर प्रक्षेपण की प्रक्रिया कैसे पूरी होती है, रॉकेट पृथ्वी की कक्षा में पहुंचने के बाद उपग्रह किस प्रकार अलग होता है और निर्धारित कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए कैसे कार्य करता है। उपग्रह पृथ्वी के ग्राउंड स्टेशन से संपर्क स्थापित कर मौसम पूर्वानुमान, संचार सेवाएं, मानचित्र निर्माण, आपदा प्रबंधन तथा वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण जानकारी कैसे भेजता है, इसकी भी जानकारी विद्यार्थियों को दी गई।
दौरे के दौरान विद्यार्थियों के लिए संवादात्मक प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने इसरो में करियर बनाने के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों तथा भविष्य के अनुसंधान की संभावनाओं से संबंधित कई प्रश्न पूछे।
इसरो के अधिकारियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। गड़चिरोली जैसे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्र से आए विद्यार्थियों के लिए इसरो जैसी विश्वस्तरीय संस्था का दौरा करना एक गौरवपूर्ण और यादगार अनुभव रहा। विद्यार्थियों ने बताया कि इस यात्रा से उन्हें भविष्य में विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा मिली है।
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विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी इस पहल पर संतोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि जिला परिषद गड़चिरोली ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें इसरो जैसी प्रतिष्ठित संस्था का दौरा करने का अवसर देकर सराहनीय कार्य किया है।
ऐसी पहल से विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणा मिलती है। यह अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिला परिषद गड़चिरोली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे और शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) बाबासाहेब पवार के प्रति विद्यार्थियों और अभिभावकों ने आभार व्यक्त किया। यह शैक्षणिक दौरा उपशिक्षणाधिकारी वैभव बारेकर और विवेक नाकाड़े के नेतृत्व में आयोजित किया गया।