गड़चिरोली में ‘स्त्री परिचर’ महिलाओं का हुंकार: मानधन 20 हजार करने और पूर्णकालिक दर्जा देने की उठाई मांग
गड़चिरोली में सीटू सम्मेलन में महिलाओं ने अल्प मानधन का विरोध करते हुए 20,000 रुपये मासिक मानधन की मांग की।
Gadchiroli Women Rights News: गड़चिरोलीअर्धसमय स्त्री परिचर संगठन (सीटू) के जिला सम्मेलन में अल्प मानधन के खिलाफ तीव्र नाराजगी जताई गई और मानधन बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने की मांग उठाई गई। सम्मेलन शहर के सेमाना देवस्थान सभागृह में आयोजित हुआ। इसकी अध्यक्षता माकपा के जिला सचिव अमोल मारकवार ने की, जबकि प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में चंद्रपुर के अरुण भेलके उपस्थित रहे।
सम्मेलन में शेकाप के रामदास जराते, आजाद समाज पार्टी के राज बन्सोड, सतीश दुडमलवार समेत अन्य अतिथि मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1962 से अर्धसमय स्त्री परिचर के रूप में महिलाओं की नियुक्ति की गई, जिन्हें शुरुआत में मात्र 50 रुपये मासिक मानधन मिलता था। बाद में इसे बढ़ाकर 3 हजार और फिर 6 हजार रुपये किया गया, जो आज की महंगाई के हिसाब से बेहद कम है।
बताया गया कि ‘अर्धसमय’ के नाम पर इन महिलाओं से प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक काम लिया जाता है, जबकि वे स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने कोरोना योद्धा के रूप में जोखिम उठाकर सेवा दी, इसके बावजूद सरकार द्वारा उनकी उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया गया।
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सम्मेलन में स्त्री परिचरों को पूर्णकालिक दर्जा देने, मासिक मानधन 20 हजार रुपये करने, 5 हजार रुपये मासिक पेंशन, कोरोना काल का विशेष भत्ता देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर सीटू के नेतृत्व में आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया गया।
इस दौरान अर्चना मारकवार, वैशाली शास्त्राकार, भाविका राऊत, ज्योति दुर्गे, जया कन्नाके, अनिता नैताम, कुसुम चंदेल, देवला भैसा, रेवता सहारे, कुसुम मरसकोल्हे, निशा कोल्हे सहित जिलेभर की बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।
