
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया AI )
Anti Rabies Campaign: गड़चिरोली शहर के वार्ड-वार्ड में आवारा घूमने वाले कुत्तों का उपद्रव बढ़ गया था। नागरिकों की बढ़ती शिकायतों को ध्यान में लेते हुए नप प्रशासन एक्टिव मोड पर आया है। नप प्रशासन द्वारा आवारा कुत्तों की टीकाकरण मुहिम शुरू की है।
इसके तहत विशेष दस्ते द्वारा वार्ड-वार्ड में कुत्तों की धर पकड़ मुहिम चलाकर एंटी रेबीज टीकाकरण व कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। नप की इस मुहिम के कारण शहर के आवारा कुत्तों पर नियंत्रण पाना संभव होने वाला है। कुत्तों का बढ़ता उत्पात, नागरिकों पर के हमले की सुध लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर नियंत्रण पाने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए है।
गढ़चिरोली शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या तथा बढ़े हमले ध्यान में लेते हुए नागरिकों में प्रशासन के प्रति नाराजगी दिखाई दे रही थी। इस बात को गंभीरता से लेते हुए नप प्रशासन सक्रिय हुआ है। आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने तथा रेबीज जैसे बीमारियों का संक्रमण रोकने के लिए टीकाकरण व नसबंदी मुहिम शुरू की गई है।
इसके लिए नप प्रशासन ने वर्षों के एनिमल वेलफेयर संस्था की मदद ली है। इस संस्था के विशेष दस्ते द्वारा विगत 4 दिनों से शहर के विभिन्न वार्डों में कुत्तों की धरपकड़ मुहिम चलाई जा रही है।
पशुवैद्यकीय दस्ते द्वारा कुत्तों की नसंबदी शल्यक्रिया के साथ ही रेबीज प्रतिबंधात्मक टीका लगाया जा रहा है। वहीं प्राणी प्रेमियों की मदद से टीकाकरण करने वाले कुत्तों का पंजीयन रखा जा रहा है।
नप प्रशासन के इस मुहिम के कारण आवारा कुत्तों के अनियंत्रित प्रजनन पर नियंत्रण रखने के साथ ही रेबीज का संक्रमण रोकने में मदद होने वाली है। जिससे शहरवासियों द्वारा नप के इस मुहिम का स्वागत किया जा रहा है।
नप द्वारा शुरू की गई इस मुहिम में पशुवैद्यकीय विभाग की भी मदद ली जा रही है।
विशेष दस्ते द्वारा वार्ड, वार्ड से आवारा कुत्ता पकड़कर उन्हें स्थानीय पशुवैद्यकीय में लाया जा रहा है। यहां कुत्तों पर रेबीज का टीकाकरण कर नसबंदी शल्यक्रिया अस्पताल की जा रही है।
इसके लिए पशुवैद्यकीय विभाग का विशेष दल भी साथ में होने से उक्त मुहिम सफल बनाने में उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है।
शहर के आवारा कुत्तों का टीकाकरण करने के लिए गढ़चिरौली नप प्रशासन ने वर्चा के एनिमल वेलफेयर संस्था की ठेका दिया है। इस संस्था का एक दस्ता विगत 4 दिन पूर्व गढ़चिरोली में दाखिल हुआ है।
इस दस्ते के सदस्यों द्वारा वार्ड-वार्ड में आवारा कुत्तों की खोज मुहिम चलाकर धरपकड़ की जा रही है। पहले कुत्तों को बेहोश करते हुए पशुवैद्यकीय अस्पताल में ले जाया जा रहा है।
यहां पशुवैद्यकीय चिकित्सक द्वारा रेबीज का टीका देने के साथ नसबंदी शल्यक्रिया की जा रही है। उक्त संस्था को करीब 400 से 500 कुत्ता पकड़ने का ठेका दिए जाने की जानकारी नप प्रशासन से मिली है। जिससे उक्त दस्ता और कुछ दिनों तक शहर में डेरा डाले हुए है।
नप प्रशासन द्वारा आवारा कुत्ता नसबंदी व टीकाकरण मुहिम शुरू की गई है। इसके लिए वचां के संस्था को ठेका दिया गया है। इस दस्ते द्वारा शहर के विभिन्न वार्ड में आवारा कुत्ता खोज मुहिम चलाकर रेबीज टीकाकरण व नसबंदी की जा रहीं है।
यह भी पढ़ें:-स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल: गड़चिरोली में ‘अरुणोदय’अभियान का शुभारंभ, सिकलसेल मुक्त जिले का लक्ष्य
इस मुहिम में पशुवैद्यकीय विभाग की मदद हो रही है। रेबीज टीकाकरण व नसबंदी शल्यक्रिया के बाद कुछ दिनों के पश्चात कुत्तों को छोड दिया जा रहा है। उक्त मुहिम और कुछ दिनों तक कायम रहने वाली है,
– सूर्यकांत पिदूरकर, मुख्याधिकारी नए, गडचिरोली






