नागपुर मनपा हड़ताल: 11 दिन बाद काम पर लौटेंगे डॉक्टर्स और नर्सें; महापौर नीता ठाकरे ने खुद संभाली कमान

Mayor Neeta Thackeray: नागपुर मनपा के 33 स्वास्थ्य केंद्रों में हड़ताल खत्म। महापौर नीता ठाकरे के आश्वासन के बाद आज से काम पर लौटेंगे डॉक्टर्स और नर्सें। 15 दिन में होगा वेतन समस्या का समाधान।
The strike at 33 Nagpur Municipal Corporation health centers has ended. Following Mayor Nita Thakare assurance,
डॉक्टर और नर्सों की हड़ताल खत्म (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur Municipal Corporation strike: नागपुर महानगरपालिका के नागरिक प्राथमिक आरोग्य केंद्रों (यूपीएचसी) और आरोग्यवर्धिनी केंद्रों में कार्यरत अस्थायी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी 9 फरवरी से जारी काम बंद आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला महापौर नीता ठाकरे द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी स्वयं लेने और शहरवासियों की असुविधा को देखते हुए किए गए विशेष आग्रह के बाद लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि गत 2 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण मनपा के 51 अर्बन पब्लिक हेल्थ सेंटर्स में से लगभग 33 सेंटर्स पर कार्यरत डॉक्टर्स और नर्सों ने काम बंद कर दिया था। विशेष रूप से ओपीडी बंद हो जाने के कारण प्रति दिन इलाज के लिए आ रहे मरीजों को सेवाएं मिलनी बंद हो गई थी।

हालांकि प्रशासन के स्तर पर हड़ताल खत्म करने का प्रयास तो किया गया किंतु सफलता नहीं मिली। अंतत: महापौर द्वारा जिम्मेदारी लिए जाने के बाद अब हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

आज से सुचारु होंगी स्वास्थ्य सेवाएं

नागपुर महानगरपालिका अस्थायी आरोग्य कर्मचारी संगठन ने सभी वैद्यकीय अधिकारियों और आरोग्य कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे शुक्रवार से नियमित रूप से काम पर लौटकर नागरिकों की सेवा करें। आंदोलन वापस लिए जाने की जानकारी आयुक्त आरोग्य सेवा और राष्ट्रीय आरोग्य अभियान, मुंबई के अभियान संचालक को भी दे दी गई है।

संगठन के नेता जम्मू आनंद ने कहा कि महापौर द्वारा आश्वस्त किए जाने के कारण हड़ताल स्थगित की गई है। यदि भविष्य में पुन: समस्या हुई तो स्थगित आंदोलन शुरू भी किया जा सकता है।

इन मांगों को लेकर था विरोध

संगठन के अनुसार, पिछले डेढ़ वर्ष से कर्मचारियों को मानधन (सैलरी) मिलने में 3 से 4 महीने का विलंब हो रहा था। वर्तमान में पिछले नवंबर, दिसंबर और जनवरी 2026 का मानधन बकाया है। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार द्वारा जुलाई 2025 से घोषित 15% मानधन वृद्धि को लागू न करना, परिचारिकाओं (नर्सों) का बकाया प्रोत्साहन भत्ता और लेखपालों के न्यूनतम वेतन का फर्क जैसे मुख्य मुद्दों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा था।

15 दिनों में समाधान का वादा

हड़ताल के कारण शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी जिसे देखते हुए महापौर ने संगठन के साथ 2 महत्वपूर्ण बैठकें कीं। महापौर ने 15 दिनों के भीतर सभी समस्याओं को दूर कर स्थिति सामान्य करने का भरोसा दिलाया है। संगठन के अध्यक्ष व कामगार नेता जम्मू आनंद ने कर्मचारियों की अभूतपूर्व एकता की सराहना की और उम्मीद जताई कि महापौर के प्रयासों से कर्मचारियों को जल्द न्याय मिलेगा।

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