सेवन हिल्स अस्पताल को निजी हाथों में सौंपने का विरोध, विधायक अमीन पटेल ने बीएमसी कमिश्नर को लिखा पत्र
Mumbai News: मरोल के सेवन हिल्स अस्पताल को फिर से निजी संस्था को लीज पर देने के प्रस्ताव का कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने विरोध किया है। उन्होंने बीएमसी कमिश्नर को पत्र लिखकर इसे खुद चलाने की मांग की।
- Written By: रूपम सिंह
सेवन हिल्स अस्पताल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mumbai Healthcare Seven Hills Hospital: मुंबई के मरोल स्थित सेवन हिल्स अस्पताल को एक बार फिर निजी संस्था को सौंपने की प्रस्तावित योजना का कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने और अस्पताल को पूरी तरह बीएमसी के स्वामित्व एवं प्रबंधन में संचालित करने की मांग की है। अमीन पटेल ने अपने पत्र में कहा है कि लगभग 15 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल में फैला और 1,500 बिस्तरों वाला सेवन हिल्स अस्पताल मुंबई की जनता की संपत्ति है।
यह देश की किसी भी मुंबई शहरी स्थानीय निकाय के लिए उपलब्ध सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं में से एक है। ऐसे में इसे फिर से निजी कंपनी को सौंपना जनहित के खिलाफ होगा। उन्होंने याद दिलाया कि पहले लागू की गई पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) व्यवस्था पूरी तरह विफल रही थी। इसके चलते वित्तीय संकट, दिवालियापन की कार्यवाही, लंबी कानूनी लड़ाइयां और अस्पताल का संचालन ठप होने जैसी समस्याएं सामने आई थीं।
लीज मॉडल पर भी सवाल
कोविड-19 महामारी के दौरान बीएमसी ने स्वयं अस्पताल का नियंत्रण संभालकर उसका सफल संचालन किया था, जिससे यह साबित हुआ कि मनपा के पास बड़े अस्पताल के संचालन की प्रशासनिक और स्वास्थ्य संबंधी क्षमता मौजूद है। पटेल ने प्रस्तावित लीज मॉडल पर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार 30 वर्ष की लीज, उसके बाद स्वतः 30 वर्ष का विस्तार और आगे भी विस्तार की संभावना वास्तव में सार्वजनिक भूमि एवं परिसंपत्तियों को लंबे समय के लिए निजी हाथों में सौंपने जैसा है।
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उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्ताव में बीएमसी द्वारा भेजे गए मरीजों के लिए केवल 20% बिस्तर और ओपीडी सेवाएं आरक्षित रखना सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के उद्देश्य को कमजोर करता है। उन्होंने मांग की कि बीएमसी अस्पताल को निजी क्षेत्र को सौंपने के बजाय इसे देश के सबसे बड़े मनपा सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों में विकसित करने की दिशा में ठोस रोडमैप तैयार करें, ताकि मुंबईकरों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सके।
