प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया) 
गढचिरोली

SC-ST किसानों के लिए वरदान बनी सिंचाई योजनाएं, 2,503 कुओं से हजारों एकड़ भूमि सिंचित

ST SC Farmers Irrigation: गड़चिरोली जिले में जिला परिषद के माध्यम से डॉ. बाबासाहब आंबेडकर और बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना के तहत वर्ष 2020 से अब तक 2,503 सिंचाई कुओं का निर्माण पूरा कर लिया गया है।

केतकी मोडक

Agricultural Schemes Prove to be a Boon for ST SC Farmers in Gadchiroli: गड़चिरोली जिले के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को बारहमासी और स्थाई सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला परिषद के कृषि विभाग के माध्यम से विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है । इसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं।

डॉ. बाबासाहब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजना, बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2020 से लेकर अब तक गड़चिरोली जिले में रिकॉर्ड कुल 2,503 सिंचाई कुओं का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। इस विशेष पहल से जिले की हजारों एकड़ शुष्क और असिंचित भूमि को बारहमासी सिंचाई का मजबूत सुरक्षा कवच प्राप्त हुआ है।

डीएमएफ निधि से भी बने 180 कुएं; वंचित वर्गों को मिल रहा सीधा लाभ

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछड़े और आदिवासी बहुल गड़चिरोली जिले में 'जिला खनिज प्रतिष्ठान' निधि के माध्यम से भी विभिन्न विकास कार्यों को तेज गति दी जा रही है। इसी विशेष प्रशासनिक निधि का सही सदुपयोग करते हुए जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में लगभग 180 अतिरिक्त सिंचाई कुओं का निर्माण कराया गया है।गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) के गरीब किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 'डॉ. बाबासाहब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजना' तथा अनुसूचित जनजाति (ST) के किसानों के लिए 'बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना' विशेष रूप से संचालित की जा रही है । इन दोनों लक्षित योजनाओं के अलावा केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत भी गड़चिरोली के अनेक पात्र और सीमांत किसानों को सिंचाई कुओं का सीधा आर्थिक लाभ दिया गया है। स्थानीय प्रशासन की सक्रियता, सरकार द्वारा अनुदान राशि में की गई बढ़ोतरी तथा किसानों की अथक मेहनत से आज जिले के कृषि क्षेत्र में समृद्धि का एक नया अध्याय शुरू हो गया है

नए कुओं के साथ पुराने कुओं के जीर्णोद्धार और पंपसेट के लिए भी भारी सब्सिडी

इन जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से न केवल सैकड़ों हेक्टेयर शुष्क भूमि को पक्के सिंचाई के दायरे में लाया गया है, बल्कि सरकार की यह वित्तीय सहायता केवल नए कुओं की खुदाई तक ही सीमित नहीं है। गड़चिरोली जिला परिषद के माध्यम से पुराने कुओं के तकनीकी जीर्णोद्धार, उनकी गहराई बढ़ाने, खेतों तक विद्युत कनेक्शन पहुंचाने, हाई-कैपेसिटी पंपसेट उपलब्ध कराने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक जैसे ड्रिप (टपक सिंचाई) और स्प्रिंकलर (छीट सिंचाई) प्रणालियों की स्थापना के लिए भी भारी सरकारी अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

नकदी फसलों और फलोद्यान की तरफ बढ़े कदम

स्थाई सिंचाई सुविधाओं के इस बेहतरीन विस्तार के कारण गड़चिरोली के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के किसान अब केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय, व्यावसायिक दृष्टिकोण अपना रहे हैं। वे अब अपने खेतों में आधुनिक सब्जियों की खेती, फलोद्यान और विभिन्न प्रकार की उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों के उत्पादन की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।

गड़चिरोली जिला परिषद के कृषि विकास अधिकारी किरण खोमाने ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि, "यह निर्मित सिंचाई कुएं जिले के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के वंचित व जरूरतमंद किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सबसे महत्वपूर्ण और मील का पत्थर साबित हो रहे हैं ।

पानी की उपलब्धता से कृषि उत्पादन में कई गुना वृद्धि हो रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ी है। सरकार और हमारा विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है कि भविष्य में कोई भी पात्र किसान इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

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