Gadchiroli PWD पर गंभीर आरोप: 3 साल से अटका करोड़ों का भुगतान, ठेकेदारों ने दी अनशन की चेतावनी!

Gadchiroli PWD: गडचिरोली में पुल निर्माण का भुगतान 3 वर्षों से न मिलने से नाराज पेटी ठेकेदारों ने 7 दिनों के भीतर बकाया राशि न मिलने पर लोक निर्माण विभाग कार्यालय के समक्ष अनियत अनशन की चेतावनी दी है।
Contractors Warn of Hunger Strike Against Gadchiroli PWD
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - फाईल फोटो)
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Contractors Warn of Hunger Strike Against Gadchiroli PWD: गडचिरोली जिले में लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और लापरवाही का एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अतिदुर्गम क्षेत्रों में पूर्ण हो चुके पुल निर्माण कार्यों की बकाया राशि का पिछले तीन वर्षों से भुगतान नहीं किया गया है। इस तानाशाही के खिलाफ 6 स्थानीय पेटी ठेकेदारों ने सोमवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ठेकेदारों ने जिला प्रशासन को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि यदि उनकी बकाया राशि का तत्काल भुगतान नहीं किया गया, तो वे लोक निर्माण विभाग कार्यालय के समक्ष उग्र अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे।

इस संवाददाता सम्मेलन में पीड़ित ठेकेदार चंद्रशेखर सालवे, देवराव कुणघाड़कर, मनोज मालाकार, रवि चन्नावार, गंगाधर दुक्कड़वार और घनश्याम कलंत्री मुख्य रूप से उपस्थित थे।

अधिकारियों की मध्यस्थता से पूरा हुआ काम, फिर भी नहीं मिला पैसा

संवाददाता सम्मेलन में ठेकेदारों ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2019 में आलापल्ली लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत जिले के अतिदुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में 6 बड़े पुलों के निर्माण का कार्य मुख्य ठेकेदार कंपनी 'मेसर्स रॉयसी नागपुर प्राइवेट लिमिटेड' को सौंपा गया था। इस कार्य के लिए विभाग द्वारा संबंधित मुख्य कंपनी को लगभग 6.68 करोड़ रुपये की भारी-भरकम एडवांस राशि भी प्रदान की गई थी। इसके बावजूद उक्त कंपनी ने तीन वर्षों तक निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया। बाद में स्थिति बिगड़ती देख विभागीय अधिकारियों ने खुद बीच भाव किया और स्थानीय पेटी ठेकेदारों के माध्यम से उन 6 पुलों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा करवाया। हालांकि, विडंबना यह है कि इन स्थानीय ठेकेदारों द्वारा पूरी ईमानदारी से कार्य पूर्ण किए जाने के तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें उनकी हक की राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

आर्थिक और मानसिक दबाव ने ली सहकर्मी ठेकेदार की जान

ठेकेदारों ने अत्यंत दुखी मन से आरोप लगाया कि इसी भारी आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव के कारण उनके सहयोगी ठेकेदार अशोक वासेकर पिछले कई दिनों से अत्यधिक तनाव में चल रहे थे। इसी जानलेवा मानसिक तनाव के चलते बीती 28 मई 2026 को अचानक हार्ट अटैक होने से उनका दुखद निधन हो गया। सहकर्मी ठेकेदारों ने अशोक वासेकर की असामयिक मृत्यु के लिए सीधे तौर पर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा पैदा किए गए आर्थिक संकट को जिम्मेदार ठहराया है। बकाया राशि की वसूली के लिए कुछ सप्लायर्स ने न्यायालय का रुख भी किया है और संबंधित भागीदारों को कानूनी नोटिस भेजे गए हैं, जिससे पेटी ठेकेदारों पर चौतरफा दबाव बन गया है।

बैठक आयोजित करने की मांग; जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

इस पूरे प्रकरण ने लोक निर्माण विभाग की पारदर्शी कार्यप्रणाली पर गंभीर नीतिगत सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ठेकेदारों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीसऔर जिला प्रशासन से इस संवेदनशील मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संदीप सिंह अरोरा को तुरंत नागपुर से गडचिरोली बुलाकर सभी संबंधित पक्षों, सप्लायर्स और पेटी ठेकेदारों की उपस्थिति में एक संयुक्त आपातकालीन बैठक आयोजित करने तथा बकाया भुगतान का मुद्दा हमेशा के लिए सुलझाने की गुहार लगाई है।

ठेकेदारों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने जिला कलेक्टर को अपनी मांगों का एक आधिकारिक ज्ञापन सौंप दिया है। यदि आगामी सात दिनों के भीतर उनके रुके हुए पैसों का न्यायसंगत भुगतान नहीं किया गया, तो लोक निर्माण विभाग कार्यालय के समक्ष होने वाले इस अनिश्चितकालीन अनशन से उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए संपूर्ण पीडब्ल्यूडी प्रशासन और जिला मुख्यालय जिम्मेदार होगा।

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