Rameshgudem Irrigation Project (फोटो-सोशल मीडिया)
Tribal Area Development Gadchiroli News: गड़चिरोली जिले की सिरोंचा तहसील से रमेशगुडेम गांव समीपस्थ बहने वाली इंद्रावती नदी पर लघु सिंचाई प्रकल्प का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को पेश किया गया था। लेकिन सरकारी अनदेखी के कारण पिछले 20 वर्षों से प्रस्ताव मंत्रालय की फाइल में धूल खा रहा है। इसी बीच उक्त प्रकल्प में कहां अटका, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
सिंचाई प्रकल्प पर अमल के अभाव में परिसर के किसान पिछले दो दशक से सिंचाई सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे है। वर्ष 2015-16 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में सिरोंचा तहसील का समावेश किया गया था। वहीं स्थानीय किसान 2005-06 से इंद्रावती नदी में उपसा सिंचाई प्रकल्प निर्माण करने की मांग कर रहे है। लेकिन किसानों की इस मांग की ओर अनदेखी की जा रही है।
इस मामले को लेकर परिसर के किसानों में सरकार की नीति को लेकर तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है। सरकार ने पिछले 20 वर्षों से आदिवासी बहुल क्षेत्र की ओर निरंतर अनदेखी करने से रमेशगुडेम का लघु सिंचाई योजना का प्रस्ताव पर किसी भी तरह का निर्णय नहीं हो पाया है। वहीं उक्त प्रस्ताव मंत्रालय से भी गायब होने की स्थिति निर्माण हो रही है।
सिरोंचा तहसील के झिंगानुर, येडसीली, वडेली, मांगीगुडम, करजेली, रमेशगुडम, किष्टयापल्ली, कोरला, पुल्लीगुडम, पेंडलाई, सोमनपल्ली आदि गांवों की खेती नैसर्गिक बारिश पर निर्भर है। प्रति वर्ष ग्रीष्मकाल के दिनों में इस परिसर के जलस्तर में काफी हद तक कमी आती है। जिससे परिसर में पानी की भीषण किल्लत निर्माण होती है। वहीं इस अवधि में पानी के लिए नागरिकों को भटकने की नौबत आती है। साथ ही नदी, नालों के पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ती है।
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