रायपुर विशाखापट्नम इकोनॉमिक कॉरिडोर (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Raipur Visakhapatnam Expressway: छत्तीसगढ़ में विलासपुर के साथ ही अब महाराष्ट्र का गड़चिरोली जिला भी रायपुर-विशाखापट्नम इकोनॉमिक कॉरिडोर के जरिए भारतमाला परियोजना से जुड़ेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने महाराष्ट्र के गड़चिरोली को इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए दिल्ली की एक फर्म को कंसल्टेंट के तौर पर नियुक्त कर दिया है।
डीपीआर की मंजूरी के बाद निर्माण एजेंसी तय करने के लिए टेंडर बुलाए जाएंगे। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित प्रोजेक्ट भंडारा-गड़चिरोली एक्सप्रेसवे को रायपुर-विशाखापट्नम एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे महाराष्ट्र का गड़चिरोली क्षेत्र सीधे विशाखापट्नम बंदरगाह से जुड़ जाएगा, जिससे मुंबई से विशाखापट्टनम तक सिक्सलेन सड़क मार्ग के जरिए पहुंचना आसान होगा।
इस कनेक्टिविटी से गड़चिरोली जैसे दूरस्थ क्षेत्र सीधे बंदरगाह से जुड़ जाएंगे, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना तथा माल परिवहन की दक्षता में भी सुधार होगा, वर्तमान में भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्नम इकोनॉमिक कॉरिडोर 464 किलोमीटर लंबा सिक्सलेन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है।
रायपुर विशाखापट्नम इकोनॉमिक कॉरिडोर छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्रप्रदेश को जोड़ता है। इसका उद्देश्य रायपुर और विशाखापट्नम के बीच यात्रा के समय को 12-14 घंटे से घटाकर लगभग 5-7 घंटे करना है। रायपुर-विशाखापट्नम इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। रायपुर-विशाखापट्नम इकॉनामिक कॉरिडोर और दुर्ग-रायपुर बायपास के जरिए भारतमाला परियोजना से बिलासपुर को भी जोड़ने का प्रस्ताव है।
महाराष्ट्र के गड़चिरोली को भी रायपुर-विशाखापट्नम इकोनॉमिक कॉरिडोर के जरिए भारतमाला परियोजना से जोड़ने की योजना है। डीपीआर तैयार करने के लिए एजेंसी की नियुक्ति कर दी गई है।
यह भी पढ़ें – युद्ध की ‘रफ्तार’ ने थामी कोयले की सप्लाई! इंडोनेशियाई आयात घटा तो ₹11,500 के पार पहुंची कीमतें, मिलावट बढ़ी
छत्तीसगढ़ 125 किमी
आंध्रप्रदेश 99 किमी
ओडिशा 240 किमी
कुल लंबाई 464 किमी