गड़चिरोली के पेठा गांव ने पेश की नशामुक्ति की मिसाल; 4 साल से शराबबंदी लागू, अवैध बिक्री पर 10,000 का जुर्मान
एटापल्ली के पेठा गांव ने 4 वर्षों से पूर्ण शराबबंदी लागू कर विकास का मॉडल पेश किया है। शराब बेचने पर 10 हजार रुपये जुर्माना और मुक्तिपथ के सहयोग से गांव अब पूरी तरह शांत और समृद्ध है।
Gadchiroli Liquor Ban News: गड़चिरोली एटापल्ली तहसील के अतिदुर्गम क्षेत्र में स्थित पेठा गांव ने नशामुक्ति के जरिए विकास का एक प्रेरणादायी मॉडल पेश किया है। पिछले चार वर्षों से गांव में सख्ती से लागू शराबबंदी के कारण अब यहां समृद्धि की नई राह खुलती नजर आ रही है।
चार वर्ष पहले ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था। यह निर्णय केवल कागजों तक सीमित न रहकर व्यवहार में भी सख्ती से लागू किया गया। गांव में यदि कोई शराब बिक्री करने का प्रयास करता है तो उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का कड़ा नियम बनाया गया है।
इस सख्ती और जनसहभाग के चलते अवैध शराब बिक्री पूरी तरह थम गई है। इस पहल का सबसे सकारात्मक प्रभाव गांव के युवाओं पर पड़ा है। पहले नशे की गिरफ्त में रहने वाले युवा अब काम-धंधे की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। शराब के कारण होने वाले विवाद भी बंद हो गए हैं और गांव में शांति का माहौल बन गया है।
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नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने में मुक्तिपथ गांव संगठन और शक्तिपथ महिला संगठन के कुल 56 सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुक्तिपथ द्वारा समय-समय पर नशा उपचार शिविर आयोजित कर लोगों को नशे की लत से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
गांव को नशामुक्त बनाए रखने के इस अभियान में सरपंच वनिता कोरामी, पुलिस पटेल दशा कोरामी, आशा कार्यकर्ता शीतल वेलादी और आंगनवाड़ी सेविका तोंडेवार नेतृत्व कर रही हैं। वहीं मुक्तिपथ के तहसील संगठक किशोर मल्लेवार और प्रेरक समीक्षा कुलमेथे विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मार्गदर्शन दे रहे हैं।
दुर्गम क्षेत्र में स्थित पेठा गांव की यह पहल अन्य गांवों के लिए भी एक प्रेरणा बन रही है।
