गड़चिरोली में अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने प्रशासन अलर्ट; 1098 पर दें सूचना, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
गड़चिरोली जिलाधिकारी ने अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने हेतु सख्त निर्देश दिए हैं। पंडित, कैटरर्स और मंडप मालिकों पर भी कार्रवाई होगी। अब तक जिले में 17 बाल विवाह रोके गए हैं।
Gadchiroli Child Marriage Prevention News: गड़चिरोली अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर प्रति वर्ष बाल विवाह होने की आशंका को देखते हुए गड़चिरोली जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग एक्शन मोड़ में आ गए हैं। इस दिन यदि कहीं पर भी बाल विवाह होता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने दिए हैं।
बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह रोकने की जिम्मेदारी ग्रामसेवक और ग्रामविकास अधिकारियों को सौंपी गई है। वहीं शहरी क्षेत्रों में बाल विकास परियोजना अधिकारीसीडीपीओ को बाल विवाह प्रतिबंध अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इन अधिकारियों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। बाल विवाह में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें विवाह समारोह में सेवा देने वाले पंडित, धार्मिक गुरु, मंडप मालिक, फोटोग्राफर, केटरिंग व्यवसायी, लॉन मालिक तथा बैंडबाजे वाले शामिल हैं।
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बाल विवाह को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा, ऐसा प्रशासन ने स्पष्ट किया है।
चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क करें अक्षय तृतीया को साढ़े तीन मुहूर्तों में से एक महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित होते हैं, जिससे कुछ स्थानों पर बाल विवाह होने की संभावना रहती है।
इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस वर्ष विशेष सतर्कता बरती है। और जिले में एक भी बाल विवाह न हो, इसके लिए सभी तंत्रों को सक्रिय किया गया है। बाल विवाह रोकने में नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यदि कहीं भी बाल विवाह होने की जानकारी मिले, तो नागरिक तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन टोलफ्री नंबर 1098 या आपातकालीन नंबर 112 पर संपर्क करें। दी गई जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा और तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
अब तक 17 बाल विवाह रोकेपिछले छह वर्षों में राज्य में प्रशासन द्वारा 5,421 बाल विवाह रोके गए हैं। और 401 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गड़चिरोली जिले में जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई ने अब तक 17 बाल विवाह रोकने में सफलता प्राप्त की है। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की धारा 161 के तहत संबंधित लोगों पर कार्रवाई की गई है, ऐसी जानकारी जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने दी है।
जिले में बाल विवाह मुक्त वातावरण बनाने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। और नागरिकों से भी इस सामाजिक समस्या के खिलाफ सजग रहकर सहयोग करने की अपील की गई है।
